कोटद्वार। बरसात के सीजन में पहाड़ियों से हो रहे भूस्खलन और आपदा के दृष्टिगत कोटद्वार पुलिस ने रात को दस बजे से सुबह चार बजे तक पहाड़ों पर वाहन संचालन प्रतिबंधित कर दिया है। यह व्यवस्था शुक्रवार रात से ही लागू कर दी गई है। इमरजेंसी सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है। आपदा के दौरान दिन और रात त्वरित मदद के लिए पुलिस की टीमें बना दी गई है, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत आपदा प्रबंधन के साजोसामान के साथ मौके पर पहुंचेंगी।
कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि मानसून में कोटद्वार से दुगड्डा, पौड़ी, लैंसडौन, कांडी रूट, धुमाकोट रूटों पर पहाड़ियां दरकने से हादसों का डर बना रहता है। ऐसे में कई बार यात्री वाहन जोखिम उठाकर रात को भी चलते रहते हैं। धुमाकोट रूट पर बृहस्पतिवार रात को हुई ट्रक दुर्घटना में दो लोगों की मौत के बाद यह निर्णय लिया गया है कि रात को दस बजे के बाद और सुबह चार बजे तक पहाड़ों पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया जाए। यह व्यवस्था केवल मानसून सत्र के लिए लागू की गई है। जो वाहन चालक जरूरी जाना चाहेंगे या फिर जाने की जिद पकड़ेंगे। उनका पूरा रिकार्ड पुलिस चेक पोस्ट पर रखा जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा से कतई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।
कोतवाल ने बताया कि कोटद्वार थाने में आपदा के दृष्टिगत दस-दस पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों की एक टीम बनाई गई है। उनके पास आपदा प्रबंधन का पूरा सामान उपलब्ध रहेेगा।