किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के वार्ड 37 झंडीचौड़ पश्चिमी में बीती रात हाथी एक घर के आंगन में आ धमका, जहां पूरा परिवार बाहर सो रहा था। आंगन में हाथी को देख घबराए परिवार के सदस्यों ने किसी तरह बड़ी मुश्किल से जान बचाई। स्थानीय लोगों में वन विभाग की उदासीनता के चलते आक्रोश व्याप्त है ,उन्होंने शासन-प्रशासन से हाथी सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है।
परिवार के मुखिया धीरज लाल ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते उसका परिवार रात्रि को आंगन में सोता है। शुक्रवार देर रात अचानक एक हाथी उनके आंगन में आ धमका, उनकी आंख तब खुली जब उनके पालतू कुत्ते ने हाथी को देखकर भौंकना शुरू किया। आंगन में हाथी को देख उनके होश उड़ गए। किसी तरह हिम्मत करके उनके परिवार वालों ने अपनी जान बचाई और मकान की छत पर चढ़ गए और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और काफी मश्क्कत के बाद उन्होंने हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया। उन्होंने सुबह देखा कि हाथी ने उनकी करीब एक बीघा घास रौंदने के साथ ही केले के पेड़ भी उखाड़ दिए थे। पार्षद सुखपाल शाह ,चंद्रमणि, बालकिशन, बलबीर, सुमित्रा देवी, राम प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, रवि किशोर
का कहना है कि उनके क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा बिजनौर वन प्रभाग के जंगल से सटा है। आए दिन हाथी फसलों को हानि पहुंचाते हैं। पूर्व में भी हाथी की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। लंबे समय से उनके क्षेत्र में सुरक्षा दीवार की मांग चली आ रही है। शासन-प्रशासन ने शीघ्र सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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