कोटद्वार। आमपड़ाव, रिफ्यूजी कालोनी, बलभद्रपुर में सरकारी अमले के पहुंचने के साथ ही अग्निशमन की गाड़ी और एंबुलेंस के साइरन की आवाज सुनकर लोग अनहोनी की आशंका से घिर गए और सकपका उठे। मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। मॉक ड्रिल की जानकारी लगने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
आईआरएस ((त्वरित घटना प्रबंधन) के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को आमपड़ाव, रिफ्यूजी कालोनी, बलभद्रपुर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा से निपटने का पूर्वाभ्यास कराया गया, जिसका कंट्रोल रूम डिग्री कालेज में बनाया गया था।
कुछ मकानों के ढहने की सूचना आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कंट्रोल रूम को दी। उन्होंने भवनों के मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई। सूचना प्राप्त होते ही तीनों प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए अलग-अलग क्षेत्र प्रभारियों को मौके पर भेजा गया। प्रभावित क्षेत्रों में तैनात क्षेत्र प्रभारी की सूचना पर स्टेजिंग एरिया राजकीय महाविद्यालय से राहत एवं बचाव कार्य के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस सहित भेजी गई। इसके अलावा आवश्यकतानुसार स्वयं सहायता समूह, सेना के जवान, स्थानीय पुलिस, एनसीसी कैडेट एवं स्वयंसेवियों को राहत बचाव कार्य के लिए मौके पर भेजा गया। तहसील में गठित आईआरएस टीम द्वारा घटना की सूचना प्राप्त होने के उपरांत त्वरित गति से राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया। मॉक ड्रिल के अभ्यास के बाद इसकी समीक्षा भी की गई। इसमें उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता और आईआरएस विशेषज्ञ वीवी गणनायक ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के जवानों, एनसीसी कैडेटों और पुलिस बल की प्रशंसा करते हुए उनका धन्यवाद किया।
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