यमकेश्वर। ग्राम पंचायत ठांगर के बरसाती गदेरे डडवा मेें स्थित पैदल पुलिया के आपदा में बहने के चार वर्ष बाद भी इसका निर्माण नहीं हो पाया है। इससे राजकीय इंटर कालेज भृगुखाल में पढ़ने वाले आधे दर्जन गांवों के 50 बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। पुलिया नहीं होने से लोगों को भी आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। बरसात में डडवा गदेरे में पानी का बहाव अधिक होने के कारण बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी पार कर इंटर कालेज भृगुखाल पहुंचते हैं।
वर्ष 1992-93 में ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र पंचायत निधि से डडवा गदेरे में पैदल पुलिया का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2014 की आपदा में पुलिया गदेरे के उफान में बह गई थी। पुलिया के बहने से ग्राम ठांगर, पंचूर, बोरगांव, मलेथा, बिथ्याणी व दमराड़ा सहित कई गांवों से इंटर कालेज भृगुखाल पढ़ने वाले बच्चों सहित ग्राम ग्वाडी, बड्यूण और भृगुखाल में स्थित बैंक, पोस्ट आफिस में आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में गदेरे में पानी अधिक होने पर बच्चे कई दिनों तक विद्यालय नहीं जा पाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्राम प्रधान ठांगर कमला देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सीला महावीर सिंह, दीनदयाल आर्य, सूरज नैथानी, शांतनु बडोला, दिनेश बडोला व मुकेश सिंह ने कहा कि ठांगर के डडवा गदेरे में पैदल पुलिया के निर्माण के लिए कई बार क्षेत्रीय विधायक, जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख को गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने ग्रामीणों की मांग पर कार्रवाई नहीं की। मजबूरी में बच्चों को बरसाती नाले को पार कर विद्यालय जाना पड़ता है। ऐसे में दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है।
उधर, खंड विकास अधिकारी यमकेश्वर अर्पणा बहुगुणा ने कहा कि ग्राम पंचायत के माध्यम से पुलिया निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। प्रस्ताव मिलने पर मनरेगा के माध्यम से 2019 में ठांगर गदेरे में पुलिया निर्माण को धनराशि स्वीकृत करा दी जाएगी।
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