कोटद्वार। बीरोंखाल ब्लॉक में बेदीखाल से चोरखिंडा मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुश्ते और बदहाल सड़क हादसों को न्योता दे रहे हैं। किमी दो पर टूटे पुश्ते के कारण सड़क खतरनाक बनी है। यहां पर लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। इस सड़क से क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों को यातायात की सुविधा मिलती है, लेकिन सरकारी मशीनरी की उपेक्षा के चलते मार्ग बदहाल हालत में पहुंच गया है।
बेदीखाल मुख्य बाजार से थपलधार, चोरखिंडा सहित सैंधार तक 15 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत चार साल पहले 4.5 किमी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य के लिए पीएमजीएसवाई सतपुली को कार्यदायी संस्था बनाया गया। सड़क निर्माण कार्य हो चुका है। इस मार्ग पर वर्तमान में सैंधार तक 10 से 15 गांवों के ग्रामीण मुख्य बाजार बेदीखाल होने के कारण प्रतिदिन आवाजाही कर रहे हैं। गत वर्ष बरसात में बेदीखाल से दो किमी आगे इस मार्ग का पुश्ता समेत आधी सड़क ध्वस्त टूट गई, लेकिन सालभर बाद भी विभाग ने न तो सड़क का पुश्ता बनाया है और न ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की है।
चोरखिंडा की प्रधान नंदनी देवी, अरविंद सिंह और महेंद्र सिंह ने कहा कि मार्ग निर्माण के बाद पांच साल तक सड़क का रखरखाव का जिम्मा संबंधित कार्यदायी एजेंसी का ही होता है, लेकिन विभाग ने अब तक पुश्ता निर्माण कराने की जहमत नहीं उठाई। इस संबंध में पर्यटन मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज, जिलाधिकारी व मंडलायुक्त को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीएमजीएसवाई सतपुली खंड के जेई अरविंद सिंह रौथाण ने कहा कि पुश्ते के निर्माण के लिए शासन को इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। धनराशि स्वीकृत होते ही पुश्ते का निर्माण करा दिया जाएगा।
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