कोटद्वार। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़ने से भड़के प्रधान डीएम से मुलाकात करने पहुंचे। आक्रोशित प्रधानों ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। विकास कार्यों के ठप होने से भाबर क्षेत्र की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों प्रभावित हो रहे है।
भाबर क्षेत्र में जहां विभिन्न प्रमाण पत्रों के बनने में दिक्कतें आ रही है वहीं कई विकास कार्य ठप पड़े है। इससे नाराज क्षेत्र के प्रधानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत अधिकारी और जिलाधिकारी से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान प्रधानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम की आड़ में बार-बार पंचायत अधिकारी को मौखिक निर्देश देकर ग्राम पंचायतों के कार्य रुकवाए जा रहे हैं। परिवार रजिस्टर संशोधन, राशन कार्ड से संबंधित समस्याएं और खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड उपलब्ध न कराए जाने से ग्रामवासियों को दिक्कतें उठनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार तहसील स्थित ई-डिस्ट्रिक्ट केंद्र बंद होने से ग्रामीणों की समस्या और भी बढ़ गई है। उन्हें अपने प्रमाण पत्रों के लिए भटकना पड़ रहा है। कहा कि निगम का नोटिफिकेशन अभी सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, बावजूद ग्राम पंचायतों का 14वें वित्त का पैसा रोक दिया गया है। प्रधानों ने कहा कि हाईकोर्ट से स्टे के बावजूद ग्राम पंचायत अधिकारियों को पुन: काम न करने के मौखिक आदेश दे दिए गए। साथ ही उनका अन्यत्र स्थानांतरण भी कर दिया गया है। सभी ने एक सुर में समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। प्रतिनिधिमंडल में ग्राम प्रधान पदमपुर सुखरौ चंद्र प्रकाश नैथानी, प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, डब्बल सिंह रावत, सुनीता देवी आदि थे।