कोटद्वार। उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संगठन गढ़वाल क्षेत्र कार्यकारिणी की बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। इस अवसर पर प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक के पद पर वन विभाग से ही प्रतिनियुक्ति पर तैनाती की मांग की गई ताकि वन विभाग से समन्वय स्थापित कर निगम को समय से कार्यों का आवंटन हो सके। बैठक में कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स के बजाय सरकारी संस्था के माध्यम से करने की मांग की गई।
हिंदू पंचायती धर्मशाला कोटद्वार में सोमवार को हुई बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संगठन क्षेत्रीय अध्यक्ष जेपी बहुखंडी ने की। बैठक में हरिद्वार प्रभाग में स्थायी लौगिंग प्रबंधक की तैनाती की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि लौगिंग कार्य के तहत कटान और ढुलान की दरों में पारदर्शिता न बरते जाने के कारण जड़ों के उत्पादन में भारी गड़बड़ी देखने में आ रही है। जड़ों का उत्पादन वास्तविक से कहीं अधिक दर्शाया जा रहा है, जिससे वन निगम को घाटा पहुंचाया जा रहा है। बैठक में वेतन निर्धारण में आई विसंगति के संबंध में चर्चा करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक स्तर पर एक समिति बनाने का सुझाव दिया गया। समिति के कार्यकारिणी सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रभागीय प्रबंधक और क्षेत्रीय प्रबंधक फील्ड का दौरा नहीं करते हैं, जिससे विभागीय अधिकारियों का वन विभाग के साथ सामंजस्य नहीं बन पा रहा है।
बैठक में क्षेत्रीय मंत्री रमेश चंद्र घिल्डियाल, उपाध्यक्ष बीएस रावत, बीएम कन्याल, दलवीर सिंह रावत, अशोक कुमार, पूर्णानंद पांडे, पूरन राठौर, नैन सिंह सौंद, गणेश जुयाल, रामेश्वर ध्यानी, दलीप सिंह रावत, अनिल त्यागी व राजवीर सिंह चौधरी ने विचार रखे। संचालन क्षेत्रीय मंत्री रमेश घिल्डियाल ने किया।