फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खैर के अवैध पातन के तीन आरोपियों को जिला कोर्ट से मिली जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस धर्मशक्तू की अदालत ने द्वारीखाल ब्लॉक के कठूड़ गांव में अवैध रूप से काटे गए खैर के 55 पेड़ों के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को जमानत दे दी है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये का बंधपत्र और प्रत्येक आरोपी के दो विश्वसनीय जमानती प्रस्तुत कर जमानत पर रिहा किया।
विज्ञापन

बचाव पक्ष के अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि गत 20 फरवरी को वन क्षेत्राधिकारी लैंसडौन पूनम कैंथोला ने मुखबिर की सूचना पर सतपुली तहसील के पट्टी लंगूर वल्ला के ग्राम कठूड़ में छापा मारा। वहां पर नापखेतों में हरे खैर के वृक्षों का अवैध पातन किया जा रहा था। मौके से लक्ष्मण सिंह उर्फ मुन्ना व शमीम एवं मनोज को पकड़ लिया। ये लोग वहां पर खैर प्रजाति के वृक्षों की प्रकाष्ठ का ढुलान व छिलान कार्य करा रहे थे। मौके से अवैध रूप से काटे गए खैर प्रजाति के 50 ठूंठ पाए गए। खैर प्रजाति के प्रकाष्ठ के 419 छाल सहित लट्ठे बरामद किए गए थे। उनके कब्जे से सात कुल्हाड़ी, एक बैग, तीन मोबाइल, 38 हजार रुपये, दो रेती और एक हथियार तेज करने वाला पत्थर भी बरामद किया गया। आरोपियों ने बताया कि यह कार्य आनंद बल्लभ थपलियाल ठेकेदार के निर्देश पर कराया जा रहा है।
तीनों आरोपियों की ओर से बुधवार को अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह राणा ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत पत्र दाखिल किया। इसमें उन्होंने अपने को निर्दोष बताया। कहा कि उन्हें झूठे व गलत तथ्यों के आधार पर फंसाया गया है। उक्त माल की स्वीकृति प्रभागीय वन अधिकारी लैंसडौन द्वारा गत वर्ष 11 मई 2018 को प्रदान की गई थी। अनुमति मिलने के बाद ही कटान कार्य शुरू किया गया था। अभियोजन पक्ष ने उनकी दलीलों का विरोध किया और कहा कि पेड़ बिना अनुमति के काटे गए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय में जमानत का पर्याप्त आधार पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें