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कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा..

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लैंसडौन। गढ़वाल राइफल्स की पासिंग आउट परेड में 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 79वें कोर्स के 174 रिक्रूट देश की रक्षा की शपथ लेते हुए भारतीय थल सेना के अभिन्न अंग बन गए।
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शनिवार को भवानी दत्त जोशी परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में कमांडेंट ब्रिगेडियर अनूप सिंह चौहान ने रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट की शौर्य गाथाएं इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। जिस शिद्दत से रेजीमेंट के पूर्व सैनिकों ने साहस, मर्यादा, बहादुरी से रेजीमेंट का नाम विश्व में दर्ज किया, उसी शिद्दत से नवनियुक्त सैनिकों को भी सेना का नाम रोशन करना है।
इस अवसर पर परेड कमांडर सुभाष सिंह के नेतृत्व में 174 रिक्रूटों ने रेजीमेंट बैंड की धुन कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा, ए जिंदगी है कौम की तू कौम पर लुटाए जा.. पर आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर बहादुरी की प्रतीक लाल रंग की रस्सी स्कारलेट धारण की। रिक्रूटों ने राष्ट्रध्वज टोली के समक्ष रेजीमेंट पुरोहित शशांक शेखर डिमरी की मौजूदगी में धार्मिक ग्रंथ पर अपना दाहिना हाथ रखकर देश की रक्षा करने व रेजीमेंट की मर्यादा की रक्षा करने का संकल्प लिया। परेड के दौरान पुनरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर अनूप सिंह चौहान और ट्रेनिंग बटालियन कमांडर ले. कर्नल विक्रमजीत सिंह विर्क ने सर्वश्रेष्ठ रिक्रटों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। ओवरआल परफार्मेंस के लिए पंकज सिंह नेगी को स्वर्ण, अंकित मखलोगा को रजत व रोबिन नेगी को कांस्य पदक प्रदान किया गया। ड्रिल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सुभाष सिंह, फिजिकल में अग्रणी रहे सर्वेंद्र सिंह व फायरिंग में अव्वल रहे नरेश गुसाईं को सम्मानित किया गया। ए-कंपनी के नायक नरेश को बेस्ट स्कावड, ई-कंपनी के सूबेदार हरीश सिंह को बेस्ट प्लाटून कमांडर और ए-कंपनी के सूबेदार धर्मपाल सिंह को चैंपियनशिप बैनर का खिताब प्रदान किया गया।
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