कोटद्वार। गढ़वाल वन प्रभाग की दमदेवल रेंज के अंतर्गत नौखंडी गांव में तारबाड़ में फंसे घायल भालू को बेहोश कर गांव में ही छोड़ने से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग का घेराव कर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने वन अधिकारियों को करीब दो घंटे तक घेरे रखा। भालू के होश में आने के बाद वन कर्मियों द्वारा उसे जंगल में खदेड़ने पर ग्रामीणों ने अधिकारियों को वहां से जाने दिया।
एकेश्वर ब्लाक के नौखंडी गांव के पास शनिवार दोपहर को एक भालू तारबाड़ में फंस गया। इससे वह घायल हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना गढ़वाल वन प्रभाग के आला अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने भालू को ट्रैंकुलाइज कर बेहोश किया और उसके घाव पर दवाई लगाकर उसे वहीं छोड़ दिया। जैसे ही वनकर्मी बेहोश भालू को छोड़कर खाली पिंजरे के साथ वापस जाने लगे, लोग भड़क गए। उन्होंने वन विभाग के वाहन के सामने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग पहले ही जंगली जानवरों से उनकी सुरक्षा करने में नाकाम है। ऐसेे में घायल भालू के होश में आते ही वह लोगों पर हमला कर देगा। उन्होंने मौके पर पहुंचे रेंज अधिकारी से भालू को पिंजरे में कैद कर अन्यत्र छोड़ने की मांग की। अधिकारी द्वारा भालू के ठीक होने की बात पर लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने वाहन के सामने आकर वन कर्मियों का घेराव कर दिया। करीब दो घंटे के बाद भालू को होश आया, उसके बाद वन कर्मियों द्वारा उसे जंगल में खदेड़ने के बाद लोग शांत हुए। इस अवसर पर गंभीर सिंह रावत, ग्राम प्रधान कोटा शकुंतला देवी, देवेश्वरी देवी व सुरजी देवी आदि मौजूद थे।
उधर, दमदेवल रेंज अधिकारी शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि एक भालू तारबाड़ में फंस गया था। उसको तारबाड़ से छुड़ाकर जंगल में भेज दिया गया हैै। खतरे की कोई बात नहीं है।
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