कोटद्वार। कोटद्वार के 73 गांवों को मिलाकर बनाए जा रहे नगर निगम के विरोध में कोटद्वार और भाबर के ग्रामीणों ने जुलूस निकाला और कोटद्वार तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से नगर निगम के निर्णय को वापस लेने की मांग की।
सोमवार को नगर निगम संघर्ष समिति के बैनर तले कोटद्वार के निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों और भाबर के लोग देवी मंदिर में एकत्र हुए। उन्होंने बड़ी संख्या में नगर निगम के विरोध में नारेबाजी के साथ देवी मंदिर से देवीरोड, नजीबाबाद रोड, झंडाचौक व बदरीनाथ मार्ग होते हुए तहसील तक जुलूस निकाला। ग्रामीणों ने नगर निगम के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल के लिए ज्ञापन भेजा।
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि नियम कायदों को ताक पर रखकर जबरन ग्रामीणों पर नगर निगम थोपा जा रहा है। उन्होंने लोगों से जन सुनवाई के समय खुलकर नगर निगम का विरोध दर्ज कराने की अपील की। राज्यपाल से जनसुनवाई में पारदर्शिता का ध्यान रखते हुए ग्राम पंचायत की आम बैठक में जनसुनवाई कराने की मांग की।
इस अवसर पर नगर निगम संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण, उपाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह रावत, प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुरेश रावत, किसान नेता पातीराम ध्यानी, बीना जोशी, विजेश्वरी झिंकवाण, आनंदवल्लभ घिल्डियाल, डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, जगदीपक सिंह रावत, राजाराम अंथवाल, विजयपाल मेहरा, गोविंद डंडरियाल, चंद्रेश लखेड़ा व राकेश मित्तल आदि ने विचार व्यक्त किए।
-फोटो