कोटद्वार/दुगड्डा। जनप्रतिनिधियों और बीडीओ के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी जंग में तब्दील होती नजर आ रही है। एक दूसरे के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़ने लगी है। लोकमणिपुर के उपप्रधान पूजा देवी ने बीडीसी सुमन राणा के खिलाफ एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कराया है। इस केस को शामिल कर ले तो बीडीओ के खिलाफ यह दूसरा मामला है। इससे पूर्व बीडीओ सुमन राणा गत 24 जुलाई को विकासखंड मुख्यालय पर हंगामा और तालाबंदी करने वालों के खिलाफ राजस्व पुलिस में केस पंजीकृत करा चुकी है।
लोकमणिपुर की उपप्रधान पूजा देवी ने मंगलवार शाम को राजस्व पुलिस सीला-दो में बीडीओ दुगड्डा के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करवाया है। कहा कि वह मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालय में मनरेगा श्रमिकों का भुगतान न होने के संबंध में बीडीओ से मिलने गई थी। उन्होंने बीडीओ को बताया कि मनरेगा श्रमिकों के कार्य का भुगतान न होने पर वह उनके पास आ रहे हैं। जैसे ही उन्होंने अपनी बात पूरी की, बीडीओ भड़क उठी और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर बाहर जाने का कहा। घटना के समय उनके साथ अन्य लोग भी मौजूद थे। राजस्व उप निरीक्षक राजेश राणा ने बताया कि उपप्रधान की तहरीर के आधार पर बीडीओ के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्जकर नायब तहसीलदार कोटद्वार को भेज दी गई है। इससे पूर्व गत 26 जुलाई को झंडीचौड़ पश्चिमी के ग्राम प्रधान पूरणचंद्र भी बीडीओ दुगड्डा के खिलाफ एससीएसटी एक्ट का केस दर्ज करा चुके हैं।
बतातें चले कि गत 25 जुलाई को बीडीओ की ओर से कुछ प्रधान और बीडीसी सदस्य समेत 20 से 30 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, अभद्रता करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जहां एक ओर जनप्रतिनिधि बीडीओ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं यह लड़ाई अब कानूनी जंग में बदलती जा रही है। राजस्व पुलिस के अनुसार दो मामले जहां नायब तहसीलदार को भेज दिए गए हैं, वहीं बीडीओ द्वारा दर्ज केस रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर करने के लिए जिलाधिकारी को भेजा गया है।
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चंद्रमोहन शुक्ला