एनएच खंड धुमाकोट ने ट्रीटमेंट के लिए केंद्र सरकार को भेजा पांच करोड़ का आगणन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। कोटद्वार से दुगड्डा तक 15 किमी हाईवे का 13 किमी हिस्सा अत्यंत संवेदनशील बना है। एनएच खंड धुमाकोट ने इस हिस्से के ट्रीटमेंट के लिए केंद्र सरकार से बजट मांगा है। पहले यहां अस्थायी रूप से हाईवे को नदी की ओर से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनाई जानी जरूरी है। इसके बाद ही दीर्घकालीन ट्रीटमेंट हो सकेगा। ट्रीटमेंट के लिए करीब पांच करोड़ का आगणन भेजा है।
चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग होने के कारण केंद्र सरकार की ओर से कोटद्वार से पौड़ी होते हुए श्रीनगर तक इस हाईवे को डबल लेन बनाने की तैयारी चल रही है। दो चरणों में दुगड्डा से गूमखाल और गूमखाल से सतपुली तक अगले दो साल में यह हाईवे डबल लेन किए जाने की कवायद पूरी हो चुकी है लेकिन कोटद्वार से दुगड्डा के बीच एक ओर खोह नदी तो दूसरी ओर दरकती पहाड़ियां एनएच प्रशासन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। अब स्थिति यह है कि कोटद्वार और दुगड्डा के बीच 13 किमी. के दायरे में ही आठ नए डेंजर जोन चिह्नित किए गए हैं जिसे जल्द ट्रीटमेंट की दरकार है। एनएच के अपर सहायक अभियंता अरविंद जोशी ने बताया कि 13 किमी के पैच पर अल्पकालीन ट्रीटमेंट के तहत खोह नदी की ओर से सुरक्षा दीवार बनाने के लिए पांच करोड़ का आगणन बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जा रहा हे। दीर्घकालीन ट्रीटमेंट पर 15 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है।
सामरिक दृष्टि से भी है महत्वपूर्ण
नजीबाबाद-पौड़ी नेशनल हाईवे पौड़ी जिले के साथ ही रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद को मैदानी क्षेत्र से जोड़ता है। इस हाईवे को सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार की आपदा में हाईवे की स्थिति खस्ताहाल हो गई है।