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छह साल में ही उधड़ने लगा बीईएल रोड मोटर पुल, खतरा

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कोटद्वार। छह साल पहले बीईएल रोड पर बने सुखरो मोटर पुल को दोतरफा खतरा उत्पन्न हो गया है। पुल जहां ऊपर से उधड़ने लगा है, वहीं नीचे से अवैध खननकारी पुल की जड़ों तक पहुंच गए हैं। समय रहते पुल की ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो पुल को नुकसान पहुंच सकता है।
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वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने भाबर की जनता की मांग पर बीईएल रोड पर सुखरो नदी में मोटर पुल निर्माण की स्वीकृति दी। वर्ष 2013 में 300 मीटर स्पान का यह पुल 13.90 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हो गया, जिस पर वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई। कोटद्वार शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए इस पुल का उपयोग कोटद्वार से भाबर के औद्योगिक क्षेत्रों को जाने वाले भारी वाहनों के लिए होने लगा। करीब छह साल से पुल का इस्तेमाल ज्यादातर जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया और सिगड्डी ग्रोथ सेंटर के लिए हो रहा है। मोटाढांक की प्रधान अनीता देवी, पूर्व प्रधान मनमोहन दुतपुड़ी, जनार्धन बुड़ाकोटी, दयाल सिंह का कहना है कि पुल को नुकसान पहुंचा, तो इसका खामियाजा जनता को ही भुगतना पड़ेगा। ईई निर्भय सिंह का कहना है कि बीईएल पुल पर मेन स्लैब के ऊपर की बियरिंग कोट उधड़ रही है, जिसकी मरम्मत जल्द कर दी जाएगी। कहा कि पुल के ढांचे को कोई खतरा नहीं है।
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