कोटद्वार। नगर निगम के विरोध में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण को प्रशासन द्वारा आमरण अनशन से जबरन उठाए जाने के बाद अब उन्होंने अस्पताल में अन्न का त्याग कर दिया है। उनके समर्थन में विभिन्न संस्थाएं आगे आई हैं। उन्होंने अस्पताल द्वारा दिए गए भोजन को वापस कर दिया। उन्होंने कहा कि सीएम और क्षेत्रीय विधायक के दबाव में उन्हें बलपूर्वक आमरण अनशन से उठाया गया। यह सरकार की जनता की आवाज को दबाने की तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने उच्च न्यायालय में नगर निगम के खिलाफ याचिका स्वीकृत नहीं होने तक अन्न ग्रहण नहीं करने का संकल्प लिया।
उधर, तहसील परिसर में डा. कपरवाण के स्थान पर संघर्ष समिति के सदस्य बृजपाल सिंह नेगी का आमरण अनशन जारी रहा। उन्होंने सरकार पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में आमरण अनशनकारी डा. कपरवाण को प्रशासन द्वारा जबरन उठाए जाने की निंदा की गई। कहा कि किसी भी हाल में नगर निगम को नहीं बनने दिया जाएगा। आने वाले समय में नगर निगम में सम्मलित गांवों में गांव बचाओ तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को नगर निगम के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी।
इस अवसर पर संघर्ष समिति के महासचिव गोविंद डंडरियाल, संयोजक प्रवेंद्र सिंह रावत, मनमोहन सिंह नेगी, प्रदीप नेगी, विरेंद्र सिंह रावत, प्रवेश नवानी, सुधा असवाल, अंजू पुंडीर, सुनीता देवी, जानकी बुड़ाकोटी, सुमति देवी, सतेश्वरी देवी, सरिता, संतोषी देवी, शशि देवी, ममता देवी, सुमन देवी, विनीता देेवी व गुड्डी देवी आदि मौजूद थे।
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