शनिवार सुबह हुई भारी बारिश के चलते 12 सड़कें रविवार को दूसरे दिन भी बाधित रहीं। सड़क का संपर्क कटने से दर्जनों गांवों के ग्रामीण मीलों पैदल आवाजाही कर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
पाणीसैंण-डबराड-बूथानगर मोटर मार्ग, सतपुली-दुधारखाल-धारकोट मार्ग, कोटड़ीसैंण-खालदरखास्ती-डबराड मार्ग, देवीखेत-जामल-डबोलीखाल मार्ग, गैंडखाल-ढांसी मार्ग मलबा आने से रविवार को दूसरे दिन भी बाधित रहे। निर्माण खंड लोनिवि दुगड्डा के अंतर्गत पौखाल-कण्वाश्रम मार्ग, डाडामंडी-द्वारीखाल मार्ग पर मलबा आने के कारण यातायात बाधित रहा। बांसी-गजवाड़-गोरखनाथ मंदिर सड़क बांसी गांव के यात्री शेड के पास बोल्डर आने से बाधित रही। बोरगांव के पास मलबे के साथ दरख्त गिरने से यहां पैदल चलना भी दूभर हो गया है। यहां पहाड़ दरकने से आवासीय भवन को खतरा हो गया है। फुलणसैंण-सीला-चुंडई सड़क पर भूस्खलन के चलते यातायात प्रभावित रहा। घट्टूगाड़-सिलोगी-चैलूसैंण-गूमखाल-लैंसडौन-डेरियाखाल-रिखणीखाल-बीरोंखाल मार्ग, नैनीडांडा-शंकरपुर मार्ग, सारसौं-जंदरिया-कांडई मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। संबंधित विभागों की ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर बंद मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।