कोटद्वार। आर्य समाज कोटद्वार की ओर से आयोजित तीन दिवसीय महर्षि दयानंद जन्म एवं बोधोत्सव रविवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर महर्षि दयानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुराइयों को दूर करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया।
नजीबाबाद रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में समापन समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और बुराइयों को समाप्त करने के लिए आर्य समाज लगातार प्रयासरत है। वर्तमान में आर्य समाज विश्व को सत्य की ज्योति से प्रकाशित कर रहा है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद की शिक्षा को आत्मसात कर उत्कृष्ट जीवन जीने की कला को अपनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वयं भी और अपने बच्चों को भी संस्कारवान बनाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता आचार्य पवित्रा ने कहा कि हमारी अंर्तात्मा हमें गलत काम करने से रोकती है। जिन कार्यों को करने में हमें भय, लज्जा, शंका महसूस हो, वह कार्य कभी भी नहीं करने चाहिए। इस मौके पर भजनोपदेशक देवेंद्र दत्त सत्यार्थी और कमल ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हाथरस की छात्रा श्रेष्ठा ने योग करतब दिखाकर खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि चंडी प्रसाद धूलिया, आनंद, हिमांशु, प्रीति, अजय ग्रोवर, विभु ग्रोवर, हरीश वर्मा, अनीता वर्मा, महेश वर्मा, कृष्ण गोपाल, पुनीत, सरिता बहुगुणा, रेनू नेगी व शमी सिंघल आदि मौजूद रहे।