कोटद्वार। द्वारीखाल के हिलोगी गांव स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल की 18 साल पहले बनी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। आलम यह है कि पढ़ाई के दौरान ही क्लास रूम में लेंटर का प्लास्टर झड़कर गिर जाता है। बरसात में पूरी छत टपकने लगती है। यहां बच्चे और शिक्षक दोनों जान हथेली पर रखकर पठन-पाठन कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान तक शिक्षा विभाग और प्रशासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन लगता है कि विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल हिलोगी के बच्चे जर्जरहाल भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। यहां की ग्राम प्रधान शम्मी देवी व प्रधानपति विजय रावत दो साल से स्कूल के भवन की मरम्मत के लिए बीईओ आफिस से लेकर पौड़ी तक के चक्कर काट रहे हैं। बीडीसी मीटिंग में भी वे इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विजय रावत कहते हैं कि चार कमरों वाले इस स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण झुकने लगा है। स्कूल के हाल देखकर अभिभावक यहां से बच्चे हटाने लगे हैं। अब कक्षा छह से आठ तक की तीन कक्षाओं में मात्र 13 बच्चे पढ़ने के लिए आ रहे हैं।
पूर्व प्रधान जयमल सिंह और ग्रामीण जितेंद्र सिंह का कहना है कि स्टाफ रूम से लेकर हर कक्षा कक्ष का लेंटर टपक रहा है और प्लास्टर झड़कर बच्चों के सिर पर गिर जाता है। उपशिक्षा अधिकारी सुमेर कैंतुरा का कहना है उच्चाधिकारियों के संज्ञान में स्कूल की समस्या लाई गई है।
स्कूल भवन जर्जर हाल है। भवन नया बनाने या फिर पुराने की मरम्मत कराने के लिए उपशिक्षा अधिकारी और बीआरसी के माध्यम से प्रस्ताव भेजा गया है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में समस्या लाई गई है।
-अर्जुन सिंह भंडारी, प्रधानाध्यापक राजकीय जूनियर हाईस्कूल हिलोगी।
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