दुगड्डा (कोटद्वार)। लैंसडौन तहसील के लंगूर वल्ला पटवारी सर्किल के एक गांव में दस साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत और दुराचार के प्रयास का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित बच्ची के परिजनों की ओर से पटवारी के यहां मामले की तहरीर दी है, लेकिन 18 दिन बाद भी राजस्व पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में बात आने पर शुक्रवार को लैंसडौन प्रशासन हरकत में आया है। नायब तहसीलदार को पीड़िता के गांव भेजा गया है।
घटना 21 अगस्त की बताई जा रही है। पीड़िता की मां ने शुक्रवार को दुगड्डा में मीडिया को बताया कि उसने घटना के अगले दिन ही लिखित तहरीर पटवारी को दी थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। तब से वह घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पटवारी चौकी के चक्कर काट रही है। महिला ने बताया कि उनकी दस साल की बेटी को उनके गांव का एक व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। जहां उसने बच्ची के साथ अश्लील हरकतें कीं और दुराचार का प्रयास किया। बताया कि घटना के वक्त वह गोशाला में गई हुई थी। बच्ची किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर घर पहुंची, जहां उसने रोते हुए सारा घटनाक्रम मां को बताया। कहा कि मामले की शिकायत पटवारी के यहां करने के बाद उन पर इसे वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। महिला ने बताया कि पटवारी ने पीड़िता के दो बार बयान लिए हैं, लेकिन आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह रावत ने बताया कि आज ही उनके संज्ञान में यह मामला आया है। वह शुक्रवार शाम को ही राजस्व पुलिस की टीम के साथ जांच के लिए गांव पहुंच रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक लैंसडौन से राजस्व पुलिस की टीम पीड़िता के गांव पहुंच गई है।