कोटद्वार/धुमाकोट। मर्चूला बस हादसे में मृत धुमाकोट के 10 और अल्मोड़ा की सल्ट तहसील के एक व्यक्ति समेत कुल 11 मृतकों का अंतिम संस्कार सल्ड महादेव स्थित घाट पर सामूहिक रूप से किया गया। इस हादसे में पौड़ी जिले के धुमाकोट और आसपास के क्षेत्र के 30 लोगों ने जान गवाईं है। एक साथ 11 चिताएं जलते देख हर किसी की आंख नम हो गई। पूरा इलाका उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए घाट पर उमड़ पड़ा।
शल्ड महादेव घाट धुमाकोट और शल्ट क्षेत्र के कई गांवों का श्मशान घाट है। यहां पर मंगलवार दिन में पौड़ी प्रशासन की ओर से धुमाकोट के 10 और इससे सटे अल्मोड़ा के मंगरौसेरा गांव के एक मृतक के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी डाॅ. आशीष चौहान, एसएसपी लोकेश्वर सिंह, एसडीएम शालिनी मौर्य व बीडीओ प्रमोद पांडेय यहां मौजूद रहे। क्षेत्रवासियों समेत कई संगठनों से जुड़े लोग यहां पहुंचे थे। दरअसल, घटनास्थल और रामनगर में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शवों को अपनी सुविधा के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए पैतृक घाटों व हरिद्वार ले गए। लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत के निर्देश पर पौड़ी जिला प्रशासन की ओर से क्षेत्र के 11 मृतकों के लिए सल्ड महादेव घाट पर की गई।
यहां मृतक शंका देवी निवासी दिगोली, दर्शनलाल (मंजेड़ा), शक्ति कुमार (पड़सोली), दीपांशु (देवलाड), विशाल व विशाल रावत (ज्यूंदालु), प्रवीण दत्त (खेतू बाखल), सलोनी नेगी और उसके चचेरे भाई प्रवीन नेगी (कुलाईखांद), नीरज ध्यानी (झरड़डाली), आयुष मैंदोलिया (पातल तल्ला) व बस चालक दिनेश निवासी ग्राम मंगरौसेरा सल्ट अल्मोड़ा का सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चिताएं जली तो घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।