कोटद्वार। कोटद्वार के बहुचर्चित वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड में शूटरों को पिस्टल और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने के आरोपी अमित नेगी ने बृहस्पतिवार को एसीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया है। उधर, बचाव पक्ष की ओर से बृहस्पतिवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रापर्टी डीलर विनोद लाला की जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय पौड़ी में दाखिल कर दी है। इस पर मंगलवार को पौड़ी में ही सुनवाई होगी।
अधिवक्ता प्रवेश रावत ने बताया कि सुशील रघुवंशी हत्याकांड के आरोपी अमित नेगी पुत्र भरत सिंह नेगी निवासी सौरव विहार थाना बदरपुर नई दिल्ली ने बृहस्पतिवार को एसीजेएम कोर्ट कोटद्वार में आत्मसमर्पण किया। इसमें कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया है। अमित नेगी पर एसआईटी ने हत्यारों को पिस्टल और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है। अमित इस हत्याकांड के आरोपी सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी का भांजा है।
उधर, कोटद्वार पुलिस और एसआईटी की नजर में रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए गए विनोद लाला की ओर से बचाव पक्ष ने जिला एवं सत्र न्यायालय पौड़ी में जमानत याचिका दाखिल की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट जमानत प्रार्थनापत्र पर मंगलवार को पौड़ी में सुनवाई करेगा। एसीजेएम कोर्ट विनोद लाला की जमानत याचिका को गत दिवस खारिज कर चुका है।
बता दें कि सुशील रघुवंशी हत्याकांड में एसआईटी और कोतवाली पुलिस ने कोटद्वार के प्रापर्टी डीलर विनोद लाला, उसके साथी सर्वेश्वर उर्फ डब्बू और सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी को गत रविवार को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी पौड़ी जेल में हैं।
आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे कोटद्वार के वकील
बार एसोसिएशन की बैठक में लिया गया निर्णय
सुशील हत्याकांड के खुलासे पर जताई खुशी
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। कोटद्वार के बहुचर्चित वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड का खुलासा करने पर बार एसोसिएशन ने खुशी जताई है। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि कोटद्वार का कोई अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा, जो मामले की पैरवी करेगा, उसे बार एसोसिएशन से निष्कासित कर दिया जाएगा।
सिमलचौड़ विधि भवन में बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन सिंह पंवार ने की। कार्यकारिणी सदस्यों और बार के सदस्यों ने वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड का खुलासा होने पर खुशी जताई। कहा कि वकील की हत्या एक गंभीर मामला है। पुलिस ने पौने दो साल बाद हत्याकांड का खुलासा किया है। इस मामले में कोटद्वार का कोई भी अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता धनीष पोखरियाल, जगमोहन सिंह नेगी, अजय कुमार पंत, मुकेश कवटियाल, राकेश कर्णवाल, शोभा बहुगुणा भंडारी, अरविंद वर्मा, प्रवेश रावत, रोहित कपटियाल, संजय जोशी, अनिल खंतवाल, सुनीता थापा, शशिकांत बलूनी, विजय कुमार, नवीन आर्य व हयात सिंह नेगी आदि मौजूद थे।