कोटद्वार। गत 03/04 अगस्त की रात आपदा की चपेट में आकर मलबे से दबे कोटद्वार बिजली घर से विद्युत आपूर्ति तो बहाल कर दी गई है, लेकिन भविष्य के खतरे को देखते हुए ऊर्जा निगम के आला अधिकारियों ने कोटद्वार शहर में एक अतिरिक्त बिजली घर बनाने के निर्देश अधिशासी अभियंता कोटद्वार को दिए हैं। अधिशासी अभियंता रघुराज सिंह ने बताया कि नए बिजली घर के निर्माण के लिए तहसील प्रशासन से कम से कम 300 वर्ग गज जमीन मांगी गई है। इस आपदा ने ऊर्जा निगम को 50 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाया है।
गत तीन और चार अगस्त को पनियाली गदेरे की बाढ़ के मलबे ने सीएसडी कैंटीन और आर्मी के एमटी कैंप, रिफ्यूजी कालोनी होते हुए हाइडिल कालोनी में तबाही मचाई। यहां बड़े पैमाने पर जहां स्टोर में रखे ट्रांसफार्मर मलबे में दब गए, वहीं बिजली घर में लाखों रुपये के उपकरण नष्ट हो गए। बिजली घर के आपदा की भेंट चढ़ने की सूचना मिलते ही कोटद्वार पहुंचे ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा, चीफ इंजीनियर कारपोरेट एके सिंह, चीफ इंजीनियर गढ़वाल एमएल प्रसाद, अधीक्षण अभियंता श्रीनगर डीएस खाती ने बिजली घर का निरीक्षण कर शहर में एक नया बिजलीघर बनाने को मंजूरी प्रदान की। अधिशासी अभियंता रघुराज सिंह ने बताया कि नए बिजली घर के निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन से तीन सौ वर्ग गज की जमीन मांगी गई है।