कोटद्वार। पहाड़ी क्षेत्रों में दो दिन से निरंतर हो रही बारिश से जहां एक ओर मैदानी इलाकों में नदी नाले उफान पर रहे, वहीं दो दर्जन से अधिक सड़कें मलबा आने से बाधित हो गई हैं। दो दर्जन सड़कों में से दस सड़कें ऐसी हैं, जो गत एक सप्ताह से यातायात के लिए नहीं खोली जा सकी हैं। बीरोंखाल क्षेत्र में पोखड़ा-बैजरों मार्ग पर चट्टान से पत्थरों की बरसात हो रही है।
बुधवार तड़के हुई भारी बरसात से पोखड़ा-बैजरों मार्ग पर घनियाखाल के पास चट्टान टूटकर सड़क पर आ गई। स्थानीय लोगों और सवारियों ने बैजरों में लोनिवि के अधिकारियों को सड़क बंद होने की जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक जब कोई नहीं पहुंचा तो बस चालक और सवारियों ने सड़क पर पड़े पत्थरों को खुद ही हटाकर रास्ता साफ किया। ग्रामीण बलबीर सिंह रावत और हंसराज नेगी ने बताया कि क्षेत्र में ऐसी कोई सड़क नहीं है, जहां पर मलबा न आया हुआ हो। सरकारी मशीनरी ने सड़कों की ओर से मुंह फेर लिया है। मजबूरी में ग्रामीणों को खुद ही मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही करानी पड़ रही है। कोटद्वार भाबर की प्रमुख नदियां मालन, सुखरौ और खोह बुधवार को उफान पर रही। तेलीस्रोत और सिगड्डी स्रोत जैसी बरसाती नदियां भी उफान पर रहीं।
24 घंटे में दो मीटर बढ़ा रामगंगा बांध का जलस्तर
कालागढ़। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार बारिश से रामगंगा बांध का जलस्तर 24 घंटे में दो मीटर बढ़ गया है। बरसाती नदी नालों के उफान पर रहने के कारण कालागढ़ रामनगर और कालागढ़ कोटद्वार मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। मंगलवार रात से ही क्षेत्र में बारिश जारी है। बारिश से स्कूल कालेजों में अवकाश जैसे हालात रहे। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कें तक जलमग्न हो गई। सूखास्रोत, धारा, मीरा स्रोत में बाढ़ के हालात बन गए। रामगंगा बांध के कैचमैंट एरिया में बारिश अभी भी जारी है। जिसकी वजह से बांध के जलाशय का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार को सांय चार बजे बांध का जलस्तर 314.300 मीटर रिकार्ड किया गया, जबकि मंगलवार को बांध का जलस्तर 312.350 मीटर था।
कालागढ़ में 76.4 और खो बैराज में 100 मिमी. बारिश रिकार्ड
कालागढ़। रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार रामगंगा बांध व नदी के इलाके इलाके में भारी बारिश रिकार्ड की गई। कालागढ़ में बुधवार दिन में 12 बजे तक 76.4 मिमी व शेरकोट के खो बैराज पर सुबह आठ बजे तक 100 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई। बांध के कैचमैंट एरिया में मारचूला में सबसे अधिक 102.8 और नौला में 98 मिमी, रानीखेत में 59.8, लैंसडौन में 44, हरेवली में 60 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। ईई रामबाबू के अनुसार बांध के कैचमैंट एरिया में बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे बांध के जलस्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है।