फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित होने के बाद भाजपा नेताओं के हरीश रावत सरकार गिराने की बात पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भाजपा को खिसियानी बिल्ली की संज्ञा दी। कहा कि उत्तराखंड को राज्य अरबपतियों, खरबपतियों के चुनाव लड़ने के लिए नहीं बनवाया था। भाजपा अपनी लक्ष्मण रेखा तय कर ले। इसका उल्लंघन करने पर उनका, हमारा और पूरे समाज का नुकसान होगा। प्रदेश में अब तक उठे मसलों की न्यायिक आयोग गठित कर जांच करा ली जानी चाहिए।
दोनों तरफ हैं उंगलियां
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने रविवार को कांग्रेस भवन में पत्रकारों से कहा कि देश के लोग जैसी श्रद्धा केदारनाथ के प्रति रखते हैं, वैसा ही चरित्र प्रदेश की राजनीति का भी होना चाहिए। हर चीज की हद होती है और भाजपा उस हद को तय कर ले।
भाजपा नेताओं का नाम लिए बिना बोले कि कुछ लोग खुद को दूध और गंगाजल का धुला हुआ समझते हैं, लेकिन उंगलियां दोनों तरफ उठ रही हैं। सही-गलत का पता कैसे चलेगा? इसका हल यही है कि सर्वसम्मति से न्यायिक आयोग बनाकर हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में एक समय सीमा के अंदर प्रदेश के सारे मसलों की जांच करा ली जाए।
और भी हैं चुनौतियां
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के नार्को टेस्ट वाली बात पर उपाध्याय ने कहा कि वह पूरी प्रक्रिया जानते भी हैं? इसके पहले लाई डिटेक्टर टेस्ट भी होता है। इसके लिए वे तैयार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सामने सूखे और बारिश की चुनौती है। ऐसे में समय के पहले चुनाव का कोई औचित्य नहीं है। यह मतदाताओं के साथ धोखा होगा। भाजपा प्रदेश का भला चाहती है तो सुझाव दे, सरकार गिराने में ऊर्जा क्षय न करे।