शीतकाल में केदारनाथ को जाने वाले मार्ग सील रहेंगे। गौरीकुंड के साथ-साथ त्रियुगीनारायण और चौमासी में अस्थायी पुलिस चौकी खोली जा रही है। यहां तैनात पुलिस की टुकड़ी बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखेगी। केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद प्रतिकूल मौसम होने तक धाम में पुलिस तैनात रहती है।
रामबाड़ा आपदा में तवाह
भारी बर्फबारी होने के कारण पिछले वर्ष तक पुलिस पहले रामबाड़ा और उसके बाद स्थायी पुलिस चौकी गौरीकुंड लौट आती थी। इस वर्ष रामबाड़ा आपदा में तबाह हो चुका है। दिसंबर-जनवरी माह में भारी बर्फबारी होने पर पुलिस के नीचे आने पर गौरीकुंड से धाम की निगाहबानी होती है।
तस्कर पहुंचते हैं केदारनाथ
वन्य जीवों का शिकार करने वाले तस्कर और शरारती तत्व चौमासी और त्रियुगीनारायण के रास्ते केदारनाथ क्षेत्र में पहुंच जाते हैं, जो दुकानों में तोड़फोड़ करते हैं। इसके अलावा केदारनाथ मंदिर में भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व की घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस इस बार चौमासी और त्रियुगीनारायण के रास्तों पर भी नजर रखेगी ताकि कोई अवांछित तत्व केदारनाथ तक नहीं पहुंच सके।