श्री केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट सोमवार को विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। हजारों श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी बने। केदारनाथ में राज्यपाल डा. केके पाल सहित चार हजार श्रद्धालु मौजूद थे। बदरीनाथ धाम के कपाट 11 मई को ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे।
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बाबा केदार के दर्शन को भक्तों का तांता
भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट सोमवार सुबह 7 बजे शुभ लग्नानुसार श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। बाबा केदार अपने भक्तों को छह माह केदारपुरी में दर्शन देंगे। केदारनाथ मंदिर परिसर में श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से तड़के छह बजे से कपाट खोलने की तैयारियां शुरू की गई। सुबह 6.30 बजे रावल भीमाशंकर लिंग मंदिर परिसर में पहुंचे।
मंदिर के गर्भगृह में धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर पश्चिम कपाट खोलने के बाद रावल ने मंदिर में प्रवेश कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद सुबह सात बजे मंदिर का मुख्य कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। इस मौके पर ढाई हजार श्रद्धालु मंदिर में मौजूद थे।
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इस मौके पर राज्यपाल केके पाल, भाजपा महासचिव कैलाश विजयर्गीय, राज्यसभा सांसद तरुण विजय, पूर्व कैबिनेट मंत्री कमलनाथ की पत्नी, कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने बाबा केदार के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग, डीएम डा. राघव लंगर, एसपी पीएन मीणा, कार्याधिकारी अनिल शर्मा आदि मौजूद थे।
गंगा मय्या के जयकारों से गूंजी गंगोत्री
गंगोत्री धाम
- फोटो : AmarUjala
वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान और गंगा मय्या के जयकारों के साथ अक्षय तृतीया के पर्व पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। कपाटोद्घाटन अवसर पर मंदिर में हजारों तीर्थयात्रियों का सैलाब उमड़ा पड़ा। सेना के बैंड बाजों की धुन खासा आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से आपदाओं से निजात दिलाने और चार धाम यात्रा निर्बाध रूप से जारी रहने की प्रार्थना की।
रविवार को मुखबा से रवाना होकर भैरोंघाटी में रात्रि प्रवास के बाद गंगा जी की डोली यात्रा सोमवार सुबह 7 बजे भैरव मंदिर से रवाना हुई। प्रात: 9.30 बजे गंगोत्री धाम पहुंचने पर गंगा जी की डोली का भव्य स्वागत किया गया।
गंगोत्री मंदिर में मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान गंगोत्री धाम में गंगा लहरी और गंगा सहस्त्रनाम का पाठ गूंजता रहा। गंगा का महाभिषेक करने के बाद तय मुहूर्त पर दोपहर 12.30 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पहले दिन श्री पंच मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, शरदचंद सेमवाल, रजनीकांत सेमवाल, डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी, एसपी ददनपाल सिंह, पूर्व विधायक गोपाल रावत, पूर्व दायित्वधारी सूरतराम नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख चंदन पंवार, लोकेंद्र बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और श्रद्धालुओं ने गंगा जी की भोगमूर्ति के दर्शन किए। विभिन्न क्षेत्रों से आई देव-डोलियों और श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर स्नान किया।
यमुनोत्री के दर्शन को पहले दिन पहुंचे हजारों भक्त
gangotri
चार धाम यात्रा के प्रथम तीर्थ यमुनोत्री धाम के कपाट विशेष पूजा-अर्चना के साथ अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर दोपहर सवा एक बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इससे पहले मां यमुना की डोली को मायके खरसाली गांव से ग्रामीणों ने यमुनोत्री के लिए विदा किया। खरसाली से प्रात: 9.15 बजे यमुना जी की डोली यात्रा यमुनोत्री के लिए रवाना हुई। यमुना के भाई समेश्वर देवता की डोली भी उन्हें विदा करने साथ गई।
दोपहर 12.45 बजे डोली यात्रा यमुनोत्री पहुंची। यहां विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान के साथ दोपहर 1.15 बजे यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। पहले दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में अखंड ज्योति तथा यमुना जी की उत्सव मूर्ति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
चिन्यालीसौड़ से नाग राजा डोली भी मंदिर परिसर पहुंची थी। इस मौके पर एसडीएम राज कुमार पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी देवीदत्त चौसाली, पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष पवन उनियाल, सचिव पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन, आशीष उनियाल, चिन्यालीसौड़ नगर पंचायत अध्यक्ष शूरवीर सिंह रांगड़, बलवीर बिष्ट आदि उपस्थित थे। जिला पंचायत की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई थी।
रविवार को मुखबा से गंगा जी की डोली यात्रा की रवानगी से लेकर सोमवार को गंगोत्री मंदिर के कपाटोद्घाटन मौके पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर व्यवस्था में सेना की 12 ग्रनेडियर के जवानों में अहम भूमिका निभाई। डोली यात्रा में सेना का पाइप बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। गंगोत्री में सेना ने लंगर चलाकर सभी श्रद्धालुओं को जलपान एवं भोजन कराया।
कपाटोद्घाटन के अवसर पर संस्कृति विभाग की ओर से शूरवीर एंड पार्टी ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कलाकारों के भजनों की प्रस्तुति पर तीर्थयात्री भी जमकर झूमे। इधर, गंगोत्री धाम में कई वर्षों बाद इस बार दो-दो स्थानों पर कथाएं आयोजित की जा रही है। श्रीकृष्णा आश्रम में शिव महापुराण तो गंगोत्री हेलीपैड पर श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है। कथा श्रवण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरकत कर रहे है।
यात्रियों में दिखा खासा उत्साह
जून 2013 की आपदा के बाद इस बार गंगोत्री धाम की यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला। पिछले दो वर्षो में कपाटोद्घाटन अवसर पर तीर्थयात्रियों की संख्या के मुकाबले इस बार यात्रियों की संख्या तीन गुना अधिक दिखी।