बागेश्वर बुड़घुना गांव की बहादुर जानकी अपनी जान की परवाह किए बगैर बकरियों को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई।
दुए ने भिड़ंत के दौरान महिला जख्मी हो गई। इस बीच आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
शनिवार सुबह मनकोट के बुड़घुना गांव निवासी 40 वर्षीय जानकी देवी पत्नी मोहन चंद्र बकरियों को चराने के लिए गांव से सटे जंगल में गई थी। इसी दौरान घात लगाए तेंदुए ने बकरी पर हमला कर दिया। जानकी देवी साहस का परिचय देते हुए बकरी को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई।
निवाले को मुंह से छिनता देख तेंदुआ जानकी देवी पर झपट गया। इस हमले में जानकी देवी को गंभीर चोटें आ गई। जानकी देवी की चीख सुनकर पास में मौजूद उसके पति मोहन चंद्र सहित आसपास से पहुंचे ग्रामीणों ने शोर मचाया। इसके बाद तेंदुआ भाग गया। तेंदुए के हमले में हालांकि एक बकरी की मौत हो गई, लेकिन जानकी के साहस के कारण अन्य बकरियां बच गईं।
इसके बाद ग्रामीण भुवन चंद्र, राजन, पूरन चंद्र, केवलानंद, विशंभर दत्त घायल जानकी को 108 वाहन से जिला अस्पताल लाए, जहां पर उसका उपचार चल रहा है। वन विभाग के रेंज ऑफीसर आन सिंह कांदली ने जानकी देवी को मुआवजा देने का आश्वासन दिया।