उफनती नदी और टूटा पुल, स्कूल जाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं। ऐसे में स्कूल जाएं तो जाएं कैसे। स्कूल जाना है तो जान हथेली पर रखनी पड़ेगी। या फिर घर पर ही रहना होगा। यह मजबूरी है कन्या जूनियर हाईस्कूल फतेहपुर में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की।
सोमवार को स्कूल खुलने के पहले दिन ही नदी पार करने में एक स्कूली छात्रा बहते-बहते किसी तरह बच गई। जबकि मंगलवार को नदी में इतना पानी आ गया कि नदी पार करना संभव नहीं हो पाया। मंगलवार सिलगाड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी का बहाव बहुत तेज हो गया।
नदी के दूसरी छोर पर राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल है। नदी का पानी बढ़ता देख विद्यालय की शिक्षिकाओं ने बच्चों को तुरंत नदी पार कराकर सड़क पर बिठा दिया। देखते ही देखते नदी में इतना पानी आ गया कि फिर विद्यालय में जाना संभव नहीं था।
काफी देर तक छात्र-छात्राएं सड़क किनारे बैठे रहे। कुछ देर में ग्रामीण भी वहां पर पहुंच गए थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद छात्र-छात्राओं को फतेहपुर के प्राथमिक विद्यालय मे बिठाने की व्यवस्था की गई। जबकि विद्यालय की ओर तरफ रहने वाले बच्चों को पुलिस ने किसी तरह नदी पार कराकर घर पहुंचाया।
वहां पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने बताया कि कक्षा छह की छात्रा शिल्पा सोमवार को नदी की तीब्र बहाव की चपेट में आ गई थी। साथी छात्राओं ने उसको बचाया लेकिन उसकी चप्पलें पानी में बह गई। ग्राम प्रधान फतेहपुर के गजेंद्र चौधरी, वीरेंद्र रावत, वीरेंद्र चौधरी और महावीर, वली मोहम्मद सहित अन्य ने प्रशासन की व्यवस्था रोष जताया।
पिछले साल टूटा था पुल
दुगड्डा से तीन किमी आगे फतेहपुर के पास विद्यालय में जाने के लिए सिलगाड़ नदी पर बना पैदल पुल पिछली बरसात में टूट गया था। मगर अब तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया। प्रभारी बीडीओ हरिसुधा रावत का कहना है कि इसके लिए पांच लाख का बजट मिल चुका है जल्दी उसके टेंडर कर दिए जांएगे।
इनका कहना है
'विद्यालय में 44 छात्र-छात्राएं हैं। पिछले साल तो प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था की थी। एक साल से इंतजार कर रहे हैं कि पुल बन जाए मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है। नदी पार करने में छात्र-छात्राओं को खतरा है।'
सुशीला उनियाल, प्रधान अध्यापिका कन्या जूनियर हाईस्कूल
'पुल बनने तक पठन पाठन के लिए पिछले साल जो व्यवस्था थी इस साल भी वही की जाएगी। पुल निर्माण का काम जल्दी शुरू करने को कहा जाएगा।'
अनिल गर्ब्याल, एसडीएम कोटद्वार