आईएससी में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश की टॉपर बन नाम रोशन करने वाली दून की बेटी भुवन्या विजय पढ़ाई को भी अपने ही तरीके से लेकर चलती है।
तैयारी के लिए जहां बच्चे कोचिंग के लिए भागते हैं, भुवन्या ने सेल्फ स्टडी पर फोकस रखा।
सेंट जोजेफ्स एकेडमी की छात्रा भुवन्या ने बताया कि कोचिंग में सिर्फ समय खराब होता है। भागदौड़ और टेंशन के बजाय छात्र सेल्फ स्टडी पर फोकस करें तो उन्हें कोचिंग की आवश्यकता ही न पड़े।
दसवीं के बाद ह्यूमेनिटीज लेना चाहने वाली भुवन्या को साइंस लेना पड़ा। फिजिक्स-कैमिस्ट्री में दिलचस्पी न होने के बावजूद उसने शानदार कामयाबी हासिल की। भुवन्या कहती है कि किसी भी विषय में दिलचस्पी जगाना अपने वश में है।
विषय को समझना शुरू करें तो निश्चित तौर से उस पर पकड़ बन जाएगी। भुवन्या ने बताया कि स्टडी के दौरान दिक्कतों पर वह अपने पिता आईएफएस अधिकारी विजय कुमार की सहायता से काबू पाती थी या फिर स्कूल में अपनी टीचर से।
टॉपर के टिप्स
-कोचिंग महज टाइम वेस्ट है, इससे बेहतर है कि अपनी समस्याओं से खुद लड़ें
-किसी भी विषय में दिलचस्पी पैदा करने के लिए जरूरी है कि उसे गंभीरतापूर्वक पढ़ना शुरू करें
-10 घंटे की लगातार पढ़ाई के बजाय यदि चार घंटे पढ़ाई की जाए तो बेहतर होगा
-न्यूमेरिकल विषय में थ्योरी के साथ न्यूमेरिकल पर भी ध्यान देना जरूरी होगा
-पढ़ाई के अलावा दूसरी एक्टिविटीज पर फोकस कर तालमेल बनाएं