हरिद्वार की लवप्रीत कौर ने कहा, आजकल ऑनलाइन पढ़ाई का चलन बढ़ रहा है, लेकिन कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वे बच्चों के लिए फोन या लैपटॉप खरीद सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार क्या व्यवस्था करेगी। उत्तरकाशी के अनमोल परमार ने सुझाव दिया कि सरकार की ओर से संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाए। रुद्रपुर की वैष्णवी ने वरिष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभवों को संरक्षित एवं उपयोग में लाने के लिए नॉलेज बैंक की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री धामी ने संवाद में युवाओं के सवालों का जवाब देने के साथ ही सुझावों पर घोषणा की। सीएम ने कहा, मैंने सोचा नहीं था कि विकसित उत्तराखंड विजन के लिए युवाओं के इतने महत्वपूर्ण सुझाव आएंगे। युवाओं के साथ सरकार निरंतर संवाद जारी रखेगी।