मंगलवार रात को हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर डंपर की चपेट में आकर एक बाइक सवार योगाचार्य मनीष सेमवाल की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने डंपर को अपने कब्जे में ले लिया। मनीष मूलरूप से टिहरी जिले के न्यूली गांव का रहने वाला था।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात को करीब नौ बजे हाईवे पर पुराना टोल टैक्स बैरियर के पास डंपर की चपेट में आकर एक बाइक सवार की मौके पर मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंची। युवक की जेब में मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान मनीष सेमवाल (23) पुत्र शंभू प्रसाद सेमवार पिंडर वैली नकरौंदा देहरादून के रुप में हुई। पुलिस का मानना है कि डंपर की साइड लगने के कारण बाइक अनियंत्रित हुई होगी। रोडीबेलवाला चौकी प्रभारी कुलेंद्र रावत ने बताया कि डंपर बाइक को करीब सौ मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। पुलिस ने इसकी सूचना मनीष के परिजनों को दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मनीष को बुधवार को कोटद्वार एक शादी समारोह में शामिल होने जाना था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया। योगाचार्य का कोर्स कर चुके मनीष सेमवाल को कुछ समय बाद ही नौकरी के लिए विदेश जाना था। संस्कृत शिक्षक और मनीष सेमवाल के मित्र नवीन पंत ने बताया कि छात्रों में मनीष काफी लोकप्रिय था।
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विवि में शोक की लहर
होनहार मनीष की मौत से उत्तराखंड संस्कृत विवि में शोक की लहर छा गई। मनीष ने हाल ही में विवि से योगाचार्य का कोर्स किया था। सूचना पाकर विवि के छात्र संघ अध्यक्ष अनूप बहुखंडी सहित बड़ी संख्या में छात्र जिला अस्पताल पहुंचे। बुधवार को विवि में कक्षाओं का संचालन नहीं हुआ। विवि के शिक्षक के और सैकड़ों छात्र मृतक छात्र मनीष सेमवाल की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। विवि में शोक सभा का आयोजन किया। जिसमें छात्र की आत्मा की शांति के दो मिनट का मौन रखा गया। शोक जताने वालों में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित, कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी, शोध अधिकरी डा. महेश ध्यानी, डा. राकेश सिंह, डा. रामरतन खंडेवाल, मनोज गहतोड़ी, डा. मनोज किशोर पंत, डा. धीरज शुक्ला, आशुतोष दूबे आदि मौजूद थे।