अगर परिवार, समाज व राष्ट्र को ऊंचा उठता हुआ देखना हो तो आधी आबादी रखने वाली नारी शक्ति को जगाना ही होगा। उन्हें चाहरदीवारी से निकालकर सुसंस्कृत ओर स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रशिक्षित करना होगा।
यह बात शांतिकुंज की वरिष्ठ सदस्य शेफाली पंड्या ने शांतिकुंज में सोमवार से शुरू हुए पांच दिवसीय नारी जागरण शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए व्यक्त की। शिविर में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, बांदा, इलाहाबाद, जौनपुर, बलिया सहित 16 जिलों के सौ से अधिक महिलाएं भाग ले रहीं हैं। उन्होंने कहा कि यांतिकुंज की अधिष्ठात्री माता भगवती देवी शर्मा ने बिना भेदभाव के अशिक्षित महिलाओं को भी जागरूक कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ा। नारी शक्ति के पास समाज की समस्याओं का समाधान है। शैफाली पंड्या ने कहा कि इन दिनों नारियों को बाल विवाह, फैशन, कन्या भ्रूण हत्या, अंधविश्वास जैसी कुरीतियों से बाहर निकलना है। तभी नारी अपनी वर्तमान स्थिति से निकल पाएंगी। उन्होंने नारियों के लिए गायत्री परिवार की ओर से संचालित हो रहे कुटीर उद्योग सहित विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों की विस्तार से जानकारी दी।
इससे पहले शेफाली पंड्या, डा. गायत्री शर्मा, इंदिरा मिश्रा, भारती नागर, डा. सुलोचना शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। शिविर समन्वयक डा. सुलोचना शर्मा ने बताया कि शिविर में 23 सत्र होंगे जिसमें नारी जागरण के कई पहलुओं पर महिलाओं को जागरु किया जाएगा। संचालन पद्मा देसाई ने किया।