उत्तरी हरिद्वार के एक आश्रम में एक महिला ने कमरे के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला की शादी डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, आरती (20) पत्नी आकाश निवासी जयराम आश्रम नंबर-एक भीमगोड़ा उत्तरी हरिद्वार ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटना के संबंध में परिजनों से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन महिला के आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। खड़खड़ी चौकी प्रभारी राजेन्द्र सिंह रावत के अनुसार मृतका की सास बीमार हैं जोकि डेंगू से पीड़ित है। जिसका इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। मृतका की ननद भी अपनी मां को देखने के लिए आयी हुई थी, जोकि बीती रात आरती के पास आश्रम में ही थी। बताया जा रहा है कि ननद अपने मां के ऊपर वाले कमरे में चाय बनाने चली गयी। जब वापस नीचे लौटी तो भाभी का कमरा बंद मिला। ननद ने कमरा खुलवाने के लिए काफी प्रयास किया। मगर कोई जवाब न मिलने पर आश्रम के लोग भी एकत्रित हो गये। जिनको ननद ने मामले की जानकारी दी। जिस पर आश्रम के लोगों ने दरवाजा तोड़ कर अंदर पहुंचे तो आरती का शव पंखे पर लटका हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि अभी कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।