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‘बिना’ मुहूर्त अर्द्धकुंभ का गंगा पूजन

Fri, 01 Jan 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। अर्द्धकुंभ मेला काल शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। बृहस्पतिवार को दिन में पूजन कराने का कोई कार्यक्रम नहीं था। आननफानन में सायंकाल में पूजन की बात सामने आई और शुक्रवार को मुहूर्त निकालकर पूजन कर लिया गया। बिना पूर्व सूचना के हुए पूजन में तीर्थ पुरोहित समाज भी नहीं पहुंच पाया।
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बृहस्पतिवार को मेला प्रशासन ने गंगा पूजन करने की कोई घोषणा नहीं की गई थी। सायंकाल को मुख्यमंत्री के ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा एकाएक सक्रिय हुए और मेलाधिकारी से वार्ता कर पूजन का कार्यक्रम बनवा दिया। मेलाधिकारी ने कहा भी कि अंधेरा पक्ष होने के कारण पंडितों ने मुहूर्त निकालने से मना किया है। लंबी बहस के बाद अंतत: गंगा सभा से संपर्क साधा गया और दोपहर में पूजन का कार्यक्रम बना लिया। हरकी पैड़ी की प्रबंधकारिणी संस्था प्रत्येक कुंभ और अर्द्धकुंभ पर गंगा पूजन का विधिवत आयोजन करती है। इसके लिए बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाकर पुरोहित महासभा के 700 सदस्यों को निमंत्रित किया जाता है। विशिष्ठ अतिथि बुलाए जाते हैं। लेकिन शुक्रवार को अचानक पूजन कार्यक्रम बनने से गंगा सभा अध्यक्ष और महामंत्री परेशान तो नजर आए लेकिन मेला प्रशासन को इनकार नहीं कर पाए। पुरोहितों की नाराजगी के चलते हरकी पैड़ी पर पहले से मौजूद 15-20 पुरोहित एवं गंगा सभा के कर्मचारी पूजन में पहुंच पाए। अब गंगा सभा मुहूर्त निकालकर दोबारा अर्द्धकुंभ का मेला पूजन कराने की योजना बना रही है।
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मुहूर्त में किया पूजन
मुख्यमंत्री के ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा का कहना है कि यह सच है कि खर मास चल रहा है। इसके बावजूद प्रतिदिन चौघडिया और अभिजीत मुहूर्त देखने की परंपरा है। शुक्रवार को राहू काल 12.48 बजे दोपहर तक था। दोपहर 1.03 बजे अभिजीत मुहूर्त प्रारंभ हो गया। यह सर्वसिद्ध मुहूर्त होता है। इसी में मेलाधिकारी और मेला डीआईजी ने हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया है।
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निकाले थे तीन मुहूर्त
गंगा सभा के अध्यक्ष गांधीवादी पुरुषोत्तम शर्मा का कहना है कि गंगा सभा के विद्वान पंडित अवधेष भगत ने चार, छह और 12 जनवरी को तीन मुहूर्त गंगा पूजन के लिए निकाले थे। इनसे मेलाधिकारी को अवगत करा दिया था। बृहस्पतिवार की सांय महामंत्री रामकुमार मिश्रा मेरे घर आए और कहा कि मेलाधिकारी कल ही पूजन करना चाहते हैं। फलस्वरूप पूजन की व्यवस्थाएं रातोंरात कराई गई। यह सच  है कि पूरा पुरोहित समाज इसमें भाग नहीं ले पाया।
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प्रशासन के कहने पर कराया पूजन
गंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि हरकी पैड़ी पर मेला प्रशासन के कहने पर पूजन कराया गया। यह सूचना कल शाम हमें मिल गई थी। गंगा पूजन करने में कोई हर्ज नहीं है और कोई भी बिना मुहूर्त पूजन करा सकता है। अलबत्ता गंगा सभा पौष मास और कृष्ण पक्ष बीत जाने के बाद नए सिरे से मुहूर्त निकालेगी। समूचे हरिद्वार समाज को आमंत्रित कर एक बार फिर पूजन कराया जाएगा।
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अनुष्ठान के लिए मुहूर्त जरूरी
भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि गंगा पूजन कभी भी किया जा सकता है। लेकिन अर्द्धकुंभ एवं कुंभ जैसे विराट अनुष्ठानों के लिए मुहूर्त निकालना जरूरी है। यह खर मास चल रहा है। इसमें सभी प्रकार के विवाह आदि मांगलिक कार्य भी बंद रहते हैं। अच्छा होता यदि मुहूर्त निकालकर अर्द्धकुंभ का गंगा पूजन किया जाता।
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