- कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए दुर्व्यवहार पर जताया रोष
हरिद्वार। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि प्रयागराज में माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ हुए दुर्व्यवहार को पूरे देश ने देखा है। इस घटना पर आरएसएस और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व खामोश है। कहा कि शंकराचार्य से कागज मांगे जा रहे हैं। क्या सरकार और प्रशासन तय करेेंगे कि कौन शंकराचार्य है। यदि यह घटना कांग्रेस सरकार में होती तो भाजपा और संघ सड़कों पर आ जाते लेकिन अब चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और संघ ने संतों को भी बांट दिया है। इस घटना पर संत समाज की ओर से जो आवाज उठनी चाहिए थी, वह नहीं उठी। ये बातें उन्होंने रविवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं।
आलोक शर्मा ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ जो हुआ क्या वह सनातन का अपमान नहीं है, क्या इससे हिंदूत्व को ठेस नहीं पहुंची है। बीजेपी, आरएसएस और प्रशासन को इसके लिए देश और सनातनियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कुछ लोगों ने स्वामी के पंडाल में घुसकर हुडदंग किया और राजनीतिक नारे लगाए। उसे लेकर उन्होंने खतरा जताया है। सरकार और प्रशासन को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। अंकिता भंडारे मामले पर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से सीबीआई जांच की घोषणा को 15 दिन से अधिक हो चुके हैं लेकिन घोषणा के बाद आगे क्या हुआ। किसी को कोई जानकारी नहीं है। इस दौरान महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, वरुण बालियान, मुरली मनोहर, लता जोशी, कैश खुराना, रवीश भटिजा, मनोज सैनी, भगवती प्रसाद सेमवाल आदि मौजूद रहे।