हरिद्वार। शासन ने नगर निगम, हरिद्वार के अंतर्गत करोड़ों रुपये मूल्य की नजूल संपत्ति संख्या-50 के मामले में की गई अनियमितताओं की जांच के लिए जिलाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है। उनसे प्रकरण की जांच रिपोर्ट, अपने अभिमत सहित एक माह के भीतर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
शहरी सचिव डीएस गर्ब्याल द्वारा हस्ताक्षरित नौ फरवरी के आदेश में कहा कि नगर निगम क्षेत्र में नजूल संपत्ति संख्या-50 भोलागिरि रोड हरिद्वार में लाला फकीर चंद वाली करनी भवन धर्मशाला से संबंधित संपत्ति के निस्तारण में हुई अनियमितताओं के संबंध में उत्तराखंड सूचना आयोग के आदेश 12 दिसंबर के अनुपालन में प्रकरण की सम्यक जांच के लिए जिलाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। गौरतलब है कि लाला फकीर चंद वाली करनी भवन धर्मशाला, सरकार की 3600 वर्ग फीट नजूल भूमि पर स्थापित है। यह संपत्ति शहर मध्य के प्राइम लोकेशन में होने के कारण करोड़ों की है। इसमें कई दुकानों के साथ यात्रियों के ठहरने के लिए कमरे हैं। आरोप है कि लीजधारक लाला फकीर चंद की मृत्यु होने के बाद भी नगर पालिका उनके नाम से किराया जमा करती रही। फिर कुछ लोग फर्जी ट्रस्ट बनाकर पूरी संपत्ति को हड़पने और खुर्द-बुर्द करने में लग गए जबकि संपत्ति सरकारी नजूल भूमि पर है। इस संबंध में ट्रैवल्स व्यवसायी महेंद्र सिंह ने आरटीआई का सहारा लेकर जानकारी जुटाई। प्रकरण राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा आयोग ने सरकारी नजूल भूमि को खुुर्द-बुर्द होने से बचाने तथा जांच कर कार्यवाही करने के लिए शासन को निर्देशित किया। जिस पर जिलाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।