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जीवनदायिनी गंगा होगी प्रदूषण मुक्त

Sat, 31 Dec 2016 10:30 PM IST
रतनमणी डोभाल हरिद्वार
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केंद्रीय जल संस्थान एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय ने गंगा  को प्रदूषण मुक्त करने की कई परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। मंत्रालय ने नमामि गंगे मिशन में सीवरेज संबंधी देश का पहला प्रोजेक्ट धर्मनगरी को दिया है। मंत्रालय ने पेयजल निगम को वर्ष 2028 तक की जरूरत पर आधारित दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण तथा चार बड़े गंदे नालों को टेप करने की हरी झंडी दे दी है। इनके पूरा होने के बाद जीवनदायनी गंगा प्रदूषण मुक्त हो सकेगी।  

मंत्रालय ने नमामि गंगे मिशन के तहत जगजीतपुर में 68 एमएलडी तथा सराय ज्वालापुर में 14 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) निर्माण की स्वीकृति दी है। पेयजल निगम की निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) के परियोजना प्रबंधक आरके जैन ने बताया कि केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय का परियोजनाओं की सैद्धांतिक स्वीकृति का आदेश शुक्रवार को मिलते ही निविदाए आमंत्रित कर ली हैं। उन्होंने बताया कि दो नए सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों के साथ ही केंद्र ने अनटेप कस्सावान, रामरक्खा पार्क, पांडेवाला व मातृ सदन के गंदों नालों की टेप करने की योजना को स्वीकृति दी है। उन्होंने बताया कि नालों को टेप करने के साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार क्षमता बढ़ाने इसके साथ ही पुराने सीवरेज पंपिंग स्टेशनों तथा शहर में सीवरेज की राइजिंग मेन लाइनों की भी क्षमता बढ़ाने और मरम्मत की योजना स्वीकृत की है। परियोजना प्रबंधक आरके जैन ने बताया कि इन परियोजनाओं की अनुमानित निर्माण लागत 258 करोड़ रुपये है। नमामि गंगे मिशन की इन परियोजनाओं का निर्माण निविदाओं की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही फरवरी- मार्च से शुरू हो जाएगा। इनके पूर्ण होने के बाद गंगा में सीवर और नालों की गंदगी जानी पूरी तरह बंद हो जाएगी और हम जीवनदायनी गंगा को प्रदूषित मुक्त कर देंगे।
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नौ करोड़ में होगी क्लीन गंगा
केंद्र ने गंगा को साफ करने के लिए दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी को नौ करोड़ का ठेका दिया है।  यह कंपनी तीन साल तक हरिद्वार व ऋषिकेश में 20 किलोमीटर तक गंगा के ऊपरी सतह की सफाई करेगी। हरिद्वार में सप्तऋषि से ज्वालापुर तक 11 किमी गंगा नदी व गंगा कैनाल और मायापुर से दक्ष मंदिर कनखल तक साढे़ तीन किमी तक गंगा की ऊपरी सतह की सफाई की जाएगी। इसके साथ ही भागीरथी बिंदु से हर की पैड़ी पर आने गंगा नदी की अविच्छिन्न धारा को भी कंपनी क्लीन रखेगी। 50 करोड़ की रिवर फ्रंट विकास योजना भी को भी स्वीकृति दी गई है। महापौर मनोज गर्ग ने बताया कि यह जानकारी शुक्रवार को देहरादून में हुई स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट ग्रुप नमामि गंगे की बैठक में परियोजना निदेशक आशीष जोशी ने दी है। ठेका लेने वाले कंपनी के अधिकारी हरिद्वार का आकर नगर निगम के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से निरीक्षण करने के बाद विधिवत क्लीन गंगा का अभियान  शुरू करेंगे।
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