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‘सवाल राजस्व का तो गोहत्या का विरोध क्यों’

Thu, 11 May 2017 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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राजस्व के लिए खनन को जरूरी बताने पर मातृसदन ने कड़ी आपत्ति जताई है।  मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि है कि यदि सवाल राजस्व का है तो फिर गोहत्या का विरोध क्यों किया जाए। इस बाबत पीएम मोदी और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित आरएसएस प्रमुख को चिट्ठी भी भेजी जाएगी। वहीं स्वामी शिवानंद ने यह भी साफ किया है कि गंगा में जिस क्षण खनन खोला जाएगा, उसी क्षण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।  
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प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के तौर पर कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक मदन कौशिक ने एक बयान जारी कर कहा था कि राजस्व के लिए वैध खनन जरूरी है। सरकार अवैध खनन पर रोक लगाएगी। बृहस्पतिवार को मातृसदन में पत्रकार वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा दोनों ही गाय, गंगा और गीता को अपना आदर्श मानते हैं और उसके लिए कुछ भी करने का दावा करते हैं। ऐसे में सरकार के प्रवक्ता के बयान से यह साफ हो जाता है कि राजस्व जरूरी है गंगा नहीं। स्वामी शिवानंद ने कहा कि यदि सवाल राजस्व का ही है तो फिर गोहत्या का विरोध किस लिए। गोहत्या से भी तो राजस्व की प्राप्ति होती है और विदेशी मुद्रा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का आवरण ओढ़कर सत्ता हासिल करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को खुला पत्र लिखा जाएगा।       

गीता के श्लोक और महाभारत का हवाला देते स्वामी शिवानंद ने कहा कि सरकार के प्रवक्ता बताएं कि गंगा के रूप में शिवजी की जटाओं को काट छांट कर नष्ट किया जा रहा है और उन्हें राजस्व के रूप में धन चाहिए। स्वामी शिवानंद ने कहा कि जिस क्षण भी गंगा में खनन खोला जाएगा, उसी क्षम प्रदेश के मुख्य सचिव एस रामास्वामी, औद्योगिक विकास सचिव शैलेश बगोली और निदेशक खनिकर्म विनय शंकर पांडेय के निलंबन की मांग को लेकर अनशन शुरू कर दिया जाएगा। स्वामी शिवानंद ने कहा कि यदि सरकार गंगा को लेकर गंभीर नहीं है तो उनके अनशन में विघ्न डालने का प्रयास भी न किया जाए। स्वामी शिवानंद ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इसका खामियाजा भुगत चुके हैं और त्रिवेंद्र सिंह रावत तो हरीश रावत से दो कदम आगे निकल चुके हैं।       
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गंगा के लिए ब्रह्मा से भी लड़ेंगे      
पत्रकार वार्ता के दौरान मातृसदन के ब्रह्मलीन युवा संत स्वामी निगमानंद की हत्या को याद कर स्वामी शिवानंद रूआंसा हो गए और कहा कि गंगा के लिए उन्हें स्वयं ब्रह्मा से भी संघर्ष करना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे। स्वामी निगमानंद के हत्यारों को उनके उद्देश्य में कभी सफल नहीं होने देंगे।      

डीएम को धन्यवाद, पर माफिया को जेल भेजें      
 मातृसदन ने स्टोन क्रशरों पर छापेमारी के लिए जिलाधिकारी दीपक रावत को धन्यवाद दिया। स्वामी शिवानंद ने कहा कि शासन को भेजे गए उनके पत्र का देर से ही सही संज्ञान लिया गया। इसके लिए डीएम दीपक रावत धन्यवाद के पात्र हैं। लेकिन क्रशरों पर सिर्फ जुर्माना लगाने से काम नहीं चलेगा। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना चाहिए। स्वामी शिवानंद ने कहा कि सीपीसीबी की ओर से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा-5 लागू की गई है। जिसके तहत गंगा में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित करने के साथ ही क्रशरों को पांच किलोमीटर दूर करने के आदेश दिए गए हैं। शासन प्रशासन को तत्काल इसका पालन कराना चाहिए।
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