- ऊंची सड़क बनने से पशु चिकित्सालय के सामने भर रहा पानी, दुकानदारों व राहगीरों को दिक्कत
लालढांग। बाजार क्षेत्र में पशु चिकित्सालय के सामने जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर लगातार पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग से जल्द समाधान की मांग की है। जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले पशु अस्पताल के सामने स्थित सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से यहां इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण किया गया। हालांकि, सड़क पहले से ऊंची बन जाने के कारण बारिश का पानी पशु चिकित्सालय के सामने ही जमा होने लगा है जिससे बरसात में यहां जलभराव हो जाता है। इस कारण दोपहिया और अन्य वाहनों के गुजरने पर पैदल चलने वालों पर गंदे पानी के छींटे पड़ते हैं। वहीं, सड़क से सटी दुकानों में भी यह गंदा पानी पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमा पानी में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। पास में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ सकता है। ग्राम प्रधान सुनील बिष्ट ने बताया कि वे जल्द ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता करेंगे। वहीं, विभाग के अवर अभियंता अरविंद जोशी ने आश्वासन दिया है कि पानी की निकासी के लिए शीघ्र ही उचित व्यवस्था की जाएगी।
बोले ग्रामीण लालढांग बाजार में सड़क में पानी भरा होने से गंदे पानी की छींटे आने जाने वालों पर आती है, लोक निर्माण विभाग हरिद्वार की लापरवाही की वजह से सड़क पर पानी रूका हुआ है, लोक निर्माण विभाग ने काफी समय पहले इंटलकॉलिंग सड़क बनाई थी, जिसकी ऊंचाई बढ़ा दी गई थी। इससे पानी वहीं रुक जाता है। वेगराज सिंह
नाली के पानी की निकासी न होने की वजह से पानी सड़क फैला रहता है। गंदे पानी के इकठ्ठा होने से मच्छर पनप रहे हैं। आसपास रहने वाले दुकानदारों को दूषित पानी की बदबू आती रहती है। चंद्रपाल सिंह
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पशु चिकित्सालय के सामने सड़क में पानी जमा होने से आने जाने वाले स्कूली बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है, क्योंकि, पैदल चलते समय पीछे से कोई वाहन आ जाए तो बचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कभी कभी ड्रेस भी खराब हो जाती है।
विशाल चौहान
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लोक निर्माण विभाग की ओर से पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि, सड़क में पानी न रुके। बरसात के दिनों में तो तालाब बन जाता है। ऐसे में तो परेशानी ओर बढ़ जाती है।
जितेंद्र चौहान