गंगनहर में तेज गति से छोड़े गई पानी से निजी संस्थाओं की ओर से बनाए जा रहे घाटों में दरारें आ गईं, वहीं कई घाटों की सीढ़ियां बह गईं। देवपुरा से ज्वालापुर के बीच गंग नहर में बनाए जा रहे घाटों के क्षतिग्रस्त होने से लाखों का नुकसान हो गया। मेला प्रशासन अलबत्ता उनके घाट सुरक्षित होने का दावा कर रहा है।
कुंभ के निर्माण कार्य को शुरू करने की मांग काफी समय से उठ रही थी, लेकिन मेला प्रशासन का दावा था कि जब गंग नहर वार्षिक मरम्मत के लिए बंद की जाएगी, तभी बंद गंग नहर में निर्माण कार्य शुरू हो सकेंगे। बीती 17 -18 अक्टूबर की मध्य रात्रि जब गंग नहर बंद हुई तो अगले दिन से ही मेला अधिकारी दीपक रावत ने मायापुर से लेकर ज्वालापुर के बीच बनने वाले कई घाटों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया था।
दो घाटों का विस्तारीकरण सिंधी समाज की ओर से कराया जा रहा था। इस बीच मेला प्रशासन ने काम को देखते हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिख पांच दिन गंगा बंदी की अवधि बढ़ाए जाने की मांग की थी, लेकिन इजाजत नहीं मिली और पूर्व निर्धारित समय दीपावली की रात ठीक बारह बजे गंगनहर में पानी छोड़ दिया गया।
कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने हालांकि दावा किया कि मेला प्रशासन के जो घाट बनाए जा रहे हैं, उनका कार्य तेज गति से चल रहा था। लिहाजा, वे सुरक्षित हैं, क्योंकि उनका सीमेंट पूरी तरह जम चुका था। उनके मुताबिक जिन घाटों का नुकसान हुआ है, वह निजी संस्थाओं की ओर से बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी सभी निर्माण कार्यों का सर्वे करके रिपोर्ट मांगी गई है अगर कहीं कोई नुकसान हुआ होगा तो उसे दोबारा ठीक कराया जाएगा। साथ ही कुंभ मेले के कार्यो को तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेला प्रशासन ने दोबारा मांगी गंगनहर बंदी
यूपी और उत्तराखंड शासन को पत्र लिखकर मेला प्रशासन ने एक बार फिर गंगनहर बंदी की बात उठाई है। कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने कहा कि अगर मेला प्रशासन को और समय नहीं मिलता है तो इससे निर्माण कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर भरोसा दिलाया है। संभव है कि छठ के बाद पांच दिन की गंगनहर बंदी मिल जाए।
संधू के चेयरमैन बनने से जगी जल्द हाईवे निर्माण की आस
हरिद्वार। हरिद्वार के जिलाधिकारी रहे और उत्तराखंड प्रदेश में शासन स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एसएस संधू को केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का नया चेयरमैन बनाया है। संधू के चेयरमैन बनने से एक दशक से मुजफ्फरनगर-हरिद्वार हाईवे के जल्द विस्तार होने की उम्मीद जगी है। 90 के दशक में संधू हरिद्वार के डीएम रह चुके हैं। हरिद्वार के भौगोलिक परिवेश तथा कुंभ की जरूरतों की भी उन्हें बारीक जानकारी है।