विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में सिर्फ एक दिन और रंगों के त्यौहार होली में दो दिन बाकी हैं। मतगणना पहले होने के चलते हरिद्वार की होली पर चुनाव का रंग हावी है। होली मिलन कार्यक्रमों में भी प्रत्याशियों की हार जीत की चर्चाएं हैं। वहीं नतीजों की उलझन में ज्यादातर प्रत्याशियों ने कार्यक्रमों से दूरी बनाई हुई है।
धर्मनगरी में सप्ताह भर से होली मिलन कार्यक्रमों का दौर जारी है। हर रोज अलग-अलग संस्थाओं के कई कई कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों में होली का उल्लास है, लेकिन इन रंगों में चुनाव का रंग भी घुला हुआ है। होली मिलन कार्यक्रम के बहाने लोग जब साथ बैठकर इधर उधर की बातें करते हैं तो चुनाव के नतीजों का जिक्र अनायास ही जुबान पर आ जाता है। इसके बाद कयासों और अटकलों का दौर शुरू हो जाता है। सब अपने अपने फॉर्मूले से प्रत्याशियों की हार जीत का गणित एक दूसरे के सामने रखते हैं। नतीजों को लेकर इन देसी ओपनियन पोल में लोग भले ही निष्पक्षता बरतने का दावा करते हैं, पर यह सच है कि जिसकी भावना जिस प्रत्याशी से जुड़ी होती है वह सारे समीकरणों से उसे ही जीतता हुआ देखता है। बहरहाल इन दिनों होली मिलन कार्यक्रमों में गीत संगीत और उल्लास के साथ साथ चुनावी चर्चाएं अहम हिस्सा हैं।
होली और चुनाव के इस मिक्सप के बीच अधिकांश प्रत्याशी दूरी बनाए हुए हैं। प्रत्याशी सिर्फ मतगणना की उधेड़बुन में लगे हैं। उनके समर्थक भले ही बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और चुनावी चर्चाओं में मोर्चा भी संभाल रहे हैं। लंबी चर्चाओं का इस बात पर आकर विराम लग जाता है कि दो तीन दिन की तो बात है, देखते हैं किसके सिर ताज सजता है।