भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) को बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय किसान महाकुंभ (चिंतन शिविर) शुरू हो गया। पहले दिन किसानों ने संगठन और अन्य गतिविधियों पर चर्चा की। बाकी दो दिन किसानों की समस्याओं पर मंथन करने के बाद प्रस्ताव पास किए जाएंगे। किसानों ने वीआईपी घाट समेत लालकोठी पर कब्जा जमा लिया। किसानों ने यहां ट्रैक्टर ट्राली खड़े कर टेंट लगा दिया है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से हरिद्वार-देहरादून हाईवे स्थित चौधरी चरण सिंह वीआईपी घाट पर आमजन को जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। यहां वीआईपी श्रेणी में आने वाले लोगों को ही गंगा स्नान और अन्य धार्मिक कार्य करने दिया जाता है। बृहस्पतिवार से भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के नेेतृत्व में धर्मनगरी में शुरू हुए किसान महाकुंभ में शामिल होने के लिए पहुंचे किसानों ने यहां डेरा डाल दिया है। घाट को पूरी तरह से अपने हाथों में लेने के बाद किसान महाकुंभ और अपने कार्यक्रम शुरू कर दिए।
किसानों के आगे वीआईपी घाट के सभी कानून धरे रह गए। किसानों ने यहां खाना बनाने और अन्य के इंतजाम किया है। वीआईपी घाट और लालकोठी पर किसानों ने बैनर लगाने के साथ अपने कपड़े सूखाने के लिए टांग दिए। अब आज शुक्रवार और शनिवार को किसानों के मुद्दों पर चर्चा करने के साथ आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
किसान महाकुंभ तक फ्री रहेगा वीआईपी घाट
किसानों की ओर से वीआईपी घाट पर अपना कब्जा कर लिए जाने से किसान महाकुंभ चलने तक घाट फ्री रहेगा। किसी को भी वीआईपी घाट पर जाने से रोका और टोका नहीं जाएगा। ऐसे में वीआईपी घाट पर जाकर कोई भी स्नान कर सकता है।
ये हैं किसानों के मुद्दे और मांग
- वादे के अनुसार कर्ज माफ करे सरकार।
- सिंचाई के लिए नहरों और रजवाहों का पानी मिले मुफ्त।
- खेती के लिए डीजल 40 रुपये प्रति लीटर दिया जाए।
- किसानों को सिंचाई और घरेेलू बिजली मुफ्त दी जाए।
- स्वामी नाथन रिपोर्ट को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
- बढ़ती लागत के आधार पर फसलों के दाम दोगुना किए जाएं।
- एमएसपी गारंटी कानून पूरे भारत में लागू करे सरकार।
- विद्युत कटौती तत्काल बंद हो।
- अधिग्रहण की जाने वाले जमीनों का उचित मुआवजा मिले।
- गन्ने का भुगतान शुगर मिलों की ओर से समय पर किया जाए।