परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर में खामी वाहन स्वामियों की जेब पर भारी पड़ रहा है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से संशोधित शासनादेश जारी हो चुका है कि फिटनेस पर बकाया पैनल्टी 29 नवंबर के बाद से वसूली जाए, लेकिन सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी के चलते पैनल्टी फिटनेस खत्म होने की तारीख से वसूली जा रही है। जिससे वाहन स्वामियों को पैनल्टी के तौर पर ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने नवंबर माह में एक शासनादेश जारी किया था। जिसके तहत फिटनेस न कराने वाले वाहन स्वामियों पर 50 रुपये प्रतिदिन की दर से पैनल्टी लगाई गई थी। कई कई साल से फिटनेस न कराने वाले वाहन स्वामियों पर हजारों रुपये की पैनल्टी लगाई गई। इसका चारों तरफ विरोध हुआ। कामर्शियल वाहनों की यूनियनों ने केंद्र सरकार से संशोधन की मांग की। जिसके बाद संशोधित शासनादेश जारी किया गया था कि पैनल्टी 29 नवंबर 2016 से वसूली जाएगी। लंबे समय से फिटनेस न कराने वाले वाहन स्वामियों को इस फैसले से राहत मिली। परिवहन विभाग का कामकाज ऑनलाइन होने का खामियाजा उन्हें अब भुगतना पड़ रहा है। दरअसल ऑनलाइन सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के चलते पैनल्टी अभी भी फिटनेस खत्म होने की तारीख से वसूली जा रही है।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर संशोधित नियम के अनुसार 29 नवंबर से पैनल्टी की दर स्वीकार करने को तैयार ही नहीं है। प्रतिदिन की पैनल्टी से बचने के लिए वाहन स्वामी मजबूरी में पुराने नियम के तहत पैनल्टी अदा कर रहे हैं। परिवहन विभाग के प्रशासनिक अधिकारी मोहन लाल दुग्गल ने बताया कि वाहन स्वामियों को हो रही असुविधा को देखते हुए आला अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी गई है। जल्द ही सॉफ्टवेयर को अपडेट कर लिया जाएगा।