उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति और चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के पदाधिकारियों ने रामपुर तिराहा गोलीकांड के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सभी एकजुट होकर शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए संघर्ष करना चाहिए।
चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति पदाधिकारियों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर शहीद आंदोलनकारियों को प्रेम नगर आश्रम के निकट घाट पर दीपदान एवं पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1994 मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड के आरोपी राज्य गठन के 21 साल भी खुलेआम घूम रहे हैं। उत्तराखंड राज्य के सत्ता सुख भोगी जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी साध ली है।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन भीम सेन रावत और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जेपी बडोनी ने की। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में रामदेव मौर्य, आनंद सिंह नेगी, राजेश गुप्ता, महेश गौड़, बलबीर सिंह नेगी, आरएस नेगी, शूरवीर सिंह राणा, भगवती प्रसाद सती, जगमोहन सिंह नेगी, कमला, विमला जख्मोला, कांति बुड़ाकोटि, अंजना बड़थ्वाल, चंद्रावती गौड़, सावित्री बिष्ट, बसंती पटवाल, राधा बिष्ट ,कमला पांडे, मंजू लोहनी, शीला कैंथुरा मौजूद रहे।
संयुक्त संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने गोविंद घाट पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान तेज सिंह रावत, जगमोहन सिंह नेगी, दिनेश चंद्र धीमान, भगवती प्रसाद सती, रमेश प्रसाद मंगाई, सतीश कुमार जैन, शमशेर खान उत्तराखंडी, फरमान अंसारी, सुरेंद्र कुमार, डीएन जुयाल, गोपाल दत्त जोशी, भगवान जोशी, दिनेश चंद्र जोशी, सुरेंद्र कुमार मलासी, विजय पाल सिंह, विजय जोशी, ललित मोहन जोशी, मीरा रतूड़ी, अंजू उप्रेती, इंदु मौजूद रही। केंद्रीय अध्यक्ष सतीश जोशी के नेतृत्व में राज्य आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर देहरादून में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिया।