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यूपी के ट्रक रोके, प्रदर्शन

Sun, 26 Feb 2017 09:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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उत्तर प्रदेश के ट्रकों को अनाधिकृत रूप से उत्तराखंड में चलाने का आरोप लगाते हुए गायत्री ट्रक एसोसिएशन ने शनिवार रात खनन सामग्री से भरे तीन ट्रकों को रुकवा लिया। संगठन के पदाधिकारी रातभर भी इन ट्रकों को सीज करने की मांग करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर प्रदर्शन करते हुए संगठन ने उत्तराखंड में इन ट्रकों को नियम विरुद्ध काम नहीं करने देंगे। नियमों का पालन कराना ही होगा।

 हरिद्वार और आसपास के जिलों से यूपी के ट्रक खनन सामग्री और अन्य सामान लाने ले जाने का काम करते रहे हैं। इन दिनों भी सौंग तथा अन्य नदियों से खनन सामग्री लेकर यूपी के ट्रक काफी संख्या में जाते हैं। शनिवार रात ऐसे ही तीन ट्रकों को गायत्री ट्रक यूनियन के सदस्यों ने दूधियाबंध के पास रुकवा लिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार का कहना था कि नियमों के अनुसार यूपी का कोई भी ट्रक उत्तराखंड से सामान भरकर यूपी ले तो जा सकता है, लेकिन उस सामान को उत्तराखंड की सीमा में उतार नहीं सकता। यूपी के ट्रक मालिक तथा चालक इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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बार-बार चेतावनी देने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय ट्रक चालकों और मालिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं। राजेश कुमार के अनुसार उन्होंने तीन दिन पहले भी इस बारे में पुलिस और एआरटीओ को इस तरह गलत तरीके से ट्रकों का संचालन किए जाने की जानकारी दी थी तथा कोई कार्रवाई नहीं की गई। ट्रक रोके जाने की सूचना मिलने पर ट्रकों के मालिक तथा खनन के ठेकेदार भी मौके पर पहुंचे और ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। ट्रक यूनियनों की ओर से सूचना देने के बाद भी पुलिस और एआरटीओ कार्यालय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि प्रशासन का संरक्षण मिलने के कारण ही बाहर के ट्रक अनाधिकृत रूप से यहां चल रहे हैं।  
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 प्रदर्शनकारियों में अंबूराम, सुरेंद्र राणा,महबूब, साजिद हसन, सन्नी राणा, वीरेंद्र, कुलदीप चौधरी और इमरान आदि शामिल थे। कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि सहायक संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों से वार्ता के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
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