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चचेरे भाई ने की थी शिक्षक राजेश की हत्या

Sun, 26 Feb 2017 09:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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 शिक्षक राजेश कुमार की हत्या संपत्ति विवाद के चलते चचेरे भाई ने ही की थी। हत्यारोपी रविवार को सिडकुल पुलिस और क्रिमीनल इंटेलीजेंस यूनिट के हत्थे चढ़ गया। हत्याकांड में प्रयुक्त देसी तमंचा सिडकुल से ही सटी इंद्रलोक कालोनी के पास सुनसान स्थान से रिकवर कर लिया गया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।       

रविवार को थाना सिडकुल में एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने शिक्षक राजेश कुमार हत्याकांड का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि कि रिटायर्ड भेलकर्मी गिरिजानंद का बिहार में अपने सगे भाई राधे कृष्ण से भूमि विवाद था। कुछ समय पूर्व ही गिरिजानंद और उनके बेटे राजेश ने गांव के ही एक व्यक्ति से भूमि का सौदा कर लिया था। सीओ ने बताया कि राधेकृष्ण के बड़े बेटे लव को यह बात अखर गई थी। चचेरे भाई की हत्या करने के मकसद से ही लव 15 फरवरी को हरिद्वार आया। रोडवेज बस स्टैंड के पास एक होटल में ठहरा था। तीन दिन तक रैकी करने के बाद लव कुमार ने 18 फरवरी को हत्याकांड को अंजाम दिया।
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 पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसके चाचा गिरिजानंद, चचेरे भाई राजेश अपने हिस्से की भूमि पहले ही बेच चुके हैं। उन्होंने छल कपट कर उसके पिता के हिस्से की भूमि में से भी हिस्सा ले लिया था। तब से ही उसने चचेरे भाई की हत्या करने की ठान ली थी। लव कुमार हत्याकांड को अंजाम देने के बाद रात को ही ट्रेन में सवार होकर बिहार पहुंच गया था। जब बिहार में हरिद्वार पुलिस ने छापा मारा तब आरोपी फरार हो गया। इसके बाद उसकी लोकेशन हरिद्वार में रोडवेज बस स्टैंड के आसपास मिली। उसी आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को रेलवे स्टेशन परिसर से उस वक्त धर दबोचा जब वह भागने की फिराक में था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी बीए में अध्ययनरत है और उसके दो छोटे जुड़वा भाई हैं। इस दौरान सीओ सदर जेपी जुयाल, एसओ कमल मोहन भंडारी, सीआईयू निरीक्षक गिरिश चंद्र शर्मा समेत अनेक पुलिसकर्मी शामिल रहे।    

प्रोफेशनल शूटर की तरह की हत्या      
चचेरे भाई को मौत की नींद सुलाने के बाद लव बड़े आराम से फरार हुआ था। उसे चचेरे भाई का कत्ल करने का पछतावा जरा भी नहीं है। हत्याकांड का पूरा खाका उसने खुद ही खींचा था।

लव कुमार ने यहां पहुंचकर डेरा डाल लिया था। टॉरगेट की रैकी करने में सुबह शाम जुटा रहता था। सबसे पहले उसने सिडकुल के भौगोलिक परिवेश की थाह ली। अपने चाचा और चचेरे भाई राजेश के भी गांव रावली महदूद में आने जाने की गतिविधि पर निगाहें रखी। जब वह तीन दिन में पूरे भौगोलिक परिवेश से वाकिफ हो गया तो हत्याकांड को अंजाम दिया। एक प्रोफेशनल शूटर की ही तरह बेहद ही नजदीक से सटीक स्थान पर गोली दागी ताकि बचने की स्थिति ही न रहे।

 पुलिस की मौजूदगी में बेहद ही आक्रोशित लव कुमार ने बेबाकी से पूरे हत्याकांड का सच कबूला। बकौल लव कि, मारता नहीं तो क्या करता। जब चचेरे भाई को गोली मारी तब चाचा भी चंद कदम की ही दूरी पर थे पर जो ठाना था, आखिर वो करके ही दिखाया। आरोपी के तेवर देखकर एक बारीकी पुलिस भी दंग रह गई। बोला चचेरा भाई राजेश दबंगई दिखाता था और उसने भूमि का सौदा भी गांव के ही एक दबंग परिवार से किया था। ताकि हम कुछ बोल न पाएं। चाचा को बर्बाद करने का मकसद था, जिस मकसद में वह कामयाब हो गया। एसओ सिडकुल कमल मोहन भंडारी की माने तो हत्याकांड को अंजाम देकर आरोपी लव कुमार इंद्रलोक कालोनी से गुजरते हुए सीधे मुख्य मार्ग पर पहुंचा और फिर आटो में सवार होकर सीधे अपने होटल में पहुंचा।   

होटल रजिस्टर अहम साक्ष्य      
शिक्षक राजेश सिंह हत्याकांड में होटल का रजिस्टर भी अहम रोल अदा करेगा। दरअसल, होटल में ठहरे आरोपी ने एंट्री की होगी। यह साक्ष्य शिक्षक हत्याकांड में अहम कड़ी साबित होगा। पुलिस अब होटल के रजिस्टर को कब्जे में लेने की तैयारी कर रही है।
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बिहार से लाया तमंचा      
ट्रेन से हरिद्वार पहुंचा लव अपने साथ ही देसी तमंचा, कारतूस लेकर आया था। गौर करने वाली बात ये है कि इतने राज्य से होकर ट्रेन गुरजती रही लेकिन कोई चेकिंग नहीं हुई।
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