उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में 12बी की मान्यता को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की पांच सदस्य टीम ने विवि का निरीक्षण किया। बता दें कि मान्यता मिलने से विश्वविद्यालय को यूजीसी की विभिन्न योजनाओं और अनुदानों का लाभ प्राप्त होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की पांच सदस्य टीम ने राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति के कुलपति प्रो. वी मुरली शर्मा की अध्यक्षता में दो दिन तक विश्वविद्यालय का भौतिक निरीक्षण किया।
टीम में प्रो. वी मुरली शर्मा के अलावा महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के सचिव प्रो. वीरु पाक्स, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान जम्मू में ज्योषित विभाग के अध्यक्ष प्रो. वासुदेव शर्मा, पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विभाग जयपुर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. संजीव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संयुक्त डॉ. अजय कुमार शामिल थे।
यूसीजी की टीम ने पहले दिन विवि के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी, कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी सहित संकायाध्यक्ष और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर विवि के शैक्षणिक वातावरण के बारे में जाना। दूसरे दिन विवि के छात्र, छात्राओं और शिक्षकों के साथ अलग-अलग वार्ता कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।
12बी की मान्यता को लेकर यूजीसी की पांच सदस्य टीम ने विवि का दो दिनों तक निरीक्षण किया। अब यह टीम यूजीसी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद मान्यता पर विचार होगा।
प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी, कुलपति, संस्कृत विवि।