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दो-दो हजार से आगे नहीं बढ़ पा रहे बैंक

Sat, 03 Dec 2016 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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नोटबंदी को तीन सप्ताह पूरे हो चुके है, लेकिन अभी तक किसी भी बैंक में इतनी धनराशि नहीं पहुंच पाई है कि अपने ग्राहकों को संतुष्ट किया जा सके। ग्राहकों को केवल दो-दो हजार रुपये देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिदिन लाइन में लगने से लोगों के अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारी भी नहीं जानते कि कब तक इसी प्रकार की स्थिति बनी रहेगी। एटीएम भी खाली है।

बैंकों ने केवल अपने ही खाताधारकों को रुपये देना शुरू किया है। इससे उन लोगों को राहत मिली है, जिनके खाते उन बैंकों में है, लेकिन उन लोगों को भी मात्र दो या अधिकतम चार हजार रुपये की धनराशि ही मिल पा रही है। रुपये न होने की वजह से बैंकों में केवल एक ही काउंटर चलाया जा रहा है। जैसे तैसे कर सुबह तड़के से लाइन में लगे लोगों को निपटाया जा रहा है। शनिवार को पीएनबी की बड़ी शाखाओं में अधिकतम दस-दस लाख रुपये ही भेजे गए। इससे बैंक अधिकारी भी लोगों को समझा बुझाकर दो से चार हजार रुपये तक देकर संतुष्ट करने का प्रयास करते रहे।
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एसबीआई की शाखाओं में भी यही हाल रहा। लेकिन अन्य सहकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंकों में बुरा हाल रहा। कैनरा, यूको आदि में नया रुपया भेजा ही नहीं गया। इलाहाबाद, एक्सिस, आईसीआईसीआई एवं एचडीएफसी में रुपया भेजा गया, लेकिन दोपहर तक नो कैश हो गया। लाइन में लगे लोगों को निराश होकर जाना पड़ा। वहीं शहर के एसबीआई एटीएम ही चलते रहे। रेलवे स्टेशन, भेल, ऋषिकुल के एटीएम में दो-दो हजार का एक-एक नोट मिलता रहा। पीएनबी के एटीएम ललतारौ पुल, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक पर घंटे भर ही चल सके।
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