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जंग जीतने से कम नहीं सरकारी अस्पताल में इलाज

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जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लाइन में खड़े मरीज। - फोटो : HARIDWAR
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मौसमी बदलाव के साथ निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में ओपीडी का पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक पसीना बहाना पड़ रहा है। डाक्टर को दिखाना और घंटों की जद्दोजहद जंग जीतने से कम नहीं है। अस्पताल में एक माह से ह्दय रोग विशेषज्ञ नहीं है। हार्ट के मरीज ईसीजी टेक्नीशियन के भरोसे हैं। ईसीजी करवाने के बाद अधिकतर मरीज निजी अस्पतालों में उपचार करवाने के लिए मजबूर हैं।
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जिला अस्पताल में शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमणकाल में मरीजों की संख्या कम थी। अब अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि फरवरी के दूसरे सप्ताह तक अस्पताल में 150 से 200 से के आसपास मरीज पहुंच रहे थे। अब संख्या बढ़कर 350 तक पहुंच गई है। शुक्रवार को भी 237 मरीजों ने ओपीडी के लिए पर्चे बनवाए। मरीजों की उमड़ रही भीड़ के चलते पहले तो मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए ही एक घंटा लाइन में लगना पड़ रहा है। अधिकतर मरीज मौसमी बदलाव से होने वाली बीमारियों के हैं।
एमडीएम फिजिशियन और जरनल फिजिशियन की ओपीडी में घंटों इंतजार पड़ रहा है। दवाई के लिए भी पसीना बहाना पड़ रहा है। तीन से चार घंटा जूझने बाद मरीज अस्पताल से बाहर निकल रहे हैं। उसमें भी यिद डॉक्टर ओपीडी है तब। यदि नहीं है तो इससे अधिक समय भी लग रहा है। अस्पताल में संविदा पर तैनात ह्दय रोग चिकित्सक डॉ. अनुपम चतुर्वेदी का 28 फरवरी को अनुबंध खत्म हो गया। ईसीजी टेक्नीशियन मीरा के भरोसे ह्दय मरीज हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ वर्षों से नहीं हैं। जिससे मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है।
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समय-11:25, पर्चा खिड़की
जिला अस्पताल की मरीजों का पर्चा बनवाने वाली खिड़की पर लंबी लाइन लगी मिली। ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने की खातिर पर्चा बनवाने के लिए लोग सुबह से ही पहुंच गए। मरीज नितिन ने बताया कि एक घंटे बाद पर्चा बनवाने का नंबर आया। उसके बाद ही वह ओपीडी में उपचार के लिए गए।
समय-11:37, हड्डी रोग विशेषज्ञ का कक्ष खाली
जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषक डॉ. शिवम पाठक ओपीडी कक्ष में बैठे हुए नहीं मिले। जबकि मरीज उनका इंतजार करते रहे। मरीजों ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे से कक्ष में नहीं हैं। दोपहर 12 बजे तक भी वह अपने कक्ष में नहीं आए। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि शुक्रवार को दिन हड्डी रोग विशेषज्ञ का आपरेशन का दिन होता है। इसलिए वह ओपीडी में कम ही समय बैठते हैं।
समय-11:51, फिजिशियन के बाहर लंबी लाइन
एमडी फिजिशियन डॉ. संदीप टंडन ओपीडी में बैठे हुए मिले। उनसे उपचार कराने के लिए ओपीडी के बाहर लंबी लाइन लगी हुई मिली। जिससे मरीजों को करीब एक घंटा उपचार कराने के लिए लाइन में लगना पड़ा। उनके बराबर में ही फिजिशियन डॉ. रामप्रकाश के कक्ष के बाहर भी मरीज बैठे हुए मिले। डा. संदीप टंडन ने बताया कि अब कोरोना संक्रमण न होने से सामान्य दिनों की तरह मरीज आने लगे हैं। उनके पास सांस, ह्दय, पेट आदि गंभीर रोगों के मरीज आ रहे हैं। फिजिशियन डा. राम प्रकाश ने बताया कि अभी वायरल का ज्यादा नहीं हुआ है। सामान्य मरीजों की संख्या बढ़ी है।
बोले मरीज
दिसंबर में हुई दुर्घटना में पैर टूट गया था। तब जिला अस्पताल में ही भर्ती हो गया था। अब डॉक्टरों को दिखाने के लिए आया हूं। भीड़ होने से उपचार कराने में परेशानी हो रही है।
- मेहरबान, बढ़ेेडी राजपुताना
साढ़े नौ बजे से अपने मरीज को हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए बैठा हूं। पर वह कक्ष में ही नहीं हैं। जिससे डॉक्टर साहब का इंतजार करते-करते तीन घंटे का समय गुजर गया है। डॉक्टर के नहीं होने से उपचार कराने में परेशानी होती है। -दीपचंद, आनेकी
कूल्हे का आपरेेशन कराना है। बड़ी मुश्किल से हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए पर्चा बनवाया। अब आकर देखा तो डॉक्टर ही कक्ष में नहीं हैं। अब उनके आने का इंतजार कर रहा हूं। डॉक्टर को दिखाकर ऑपरेशन की तारीख लूंगा।
- राहुल कश्यप, कनखल
अपने साथ काम करने वाले की दवाई लेने के लिए आया हूं। डॉक्टर को पर्चा दिखाने के लिए एक घंटे का समय लग गया। दवाई खिड़की पर लाइन लगी रही है। जिससे दवाई लेने में ही पसीने छूट गए। इलाज कराने में खूब पापड़ बेलने पड़ते होंगे।
- अनिकेत, हरिपुर
ह्दय रोग चिकित्सक का नवीनीकरण और त्वचा रोग विशेष की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। ताकि मरीजों को ये स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहें। मरीजों को अन्य सुविधाएं देने के लिए भी अच्छी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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- सीपी त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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