करीब 40 दिन से डीएफओ के ट्रांसफर की मांग के लिए चल रहे आंदोलन की अगुवाई कर रहे कर्मचारी नेता का ही ट्रांसफर हो गया है। इससे अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है।
हरिद्वार वन प्रभाग के आंदोलित वन कर्मचारियों की ओर से डीएफओ धर्म सिंह मीणा के कार्यभार संभालने के एक सप्ताह बाद ही उन पर अभद्रता करने के आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया गया था। कर्मचारी 13 दिसंबर से डीएफओ के ट्रांसफर की मांग को लेेकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले सप्ताह वन विभाग के समस्त 38 वन प्रभागीय कार्यालयों में भी प्रदेशव्यापी हड़ताल कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में शुरू कर दी गई थी। आईएफएस अधिकारी डीएफओ का ट्रांसफर नहीं हो रहा है लेकिन जिस संगठन उत्तराखंड फोरेस्ट संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन चल रहा था। उसके संयोजक सचिव शेखरचंद्र जोशी का तबादला जरूर हो गया है।
शेखरचंद्र जोशी के पांच जनवरी के ट्रांसफर आदेश वन प्रभाग कार्यालय में पहुंचने पर अन्य वन कर्मियों में खलबली मच गई है। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत कुमार पठनायक की ओर से शेखरचंद्र जोशी का हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय से अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग गोपेश्वर में स्थानांतरण किया गया है। उनका कहना है कि ट्रांसफर एक प्रशासनिक व्यवस्था है। इसके आधार पर ट्रांसफर किया गया है। ट्रांसफर का कर्मचारियों के आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है।